अरवल : शहर के सबसे भीड़ भाड़ वाले एनएच 139 जिस पर गाड़ियों का दबाव बहुत ज्यादा होता है. कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है. उमैराबाद और अरवल के बीच में सडक किनारे गड्ढा खोदकर महीनों से छोड़ा हुआ है. निर्माण कार्य भी बंद है. जो बड़ी दुर्घटना का संदेश दे रहा है. भगवान न करे कभी बड़ी दुर्घटना घटे, लेकिन सड़क के किनारे खोदा गया गड्ढा.
एनएच 139 पर कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा, कई महीनों से नाली निर्माण के लिए सड़क किनारे खोदा हुआ है गड्ढा

एनएच 139 पर कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा, कई महीनों से नाली निर्माण के लिए सड़क किनारे खोदा हुआ है गड्ढा
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अरवल : शहर के सबसे भीड़ भाड़ वाले एनएच 139 जिस पर गाड़ियों का दबाव बहुत ज्यादा होता है. कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है. उमैराबाद और अरवल के बीच में सडक किनारे गड्ढा खोदकर महीनों से छोड़ा हुआ है. निर्माण कार्य भी बंद है. जो बड़ी दुर्घटना का संदेश दे रहा है. भगवान […]
अगर नहीं पाटा गया तो कभी भी कुछ हो सकता है. गड्ढा खोदने के पीछे कारण बताया जा रहा है कि उमैराबाद , न्यू अरवल और नौ नंबर स्लूयिस गांव के किसानो के खेतो का पटवन के उद्देश्य से एनएच 139 पर नाला बैठाने के लिए गड्ढा खोदा गया था, लेकिन नाला को पूरी तरह से नहीं बैठाया गया.आधा अधूरा नाला को बैठाया गया है.
अभी एक हॉजपाइप और बैठाना है, जिससे किसानों के खेत तक पानी पहुंच सके, लेकिन किसान अपने खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए जुगाड़ टेकनेलॉजी के जरिये किसी तरह छेद कर खेत तक पानी पहुंचा रहे है, जिसके कारण सड़क के टूटने का भी खतरा है. किसान मानिक चौधरी ने कहा कि दिसंबर में ही गड्ढा खोद दिया गया था. सड़क को छेद कर छोड़ देने से उसपर खतरा ज्यादा हो गया है.
सड़क के दोनों तरफ नगर पर्षद द्वारा नाली का निर्माण किया गया है. उमैराबाद और अरवल से निकलने वाला बरसात का पानी बनाये गये नाली में जाता है, लेकिन उसके बीच में पुलिया बनाना है, जिससे किसानों के खेत तक पानी पहुंचाया जा सके. इस संबंध में जिलाधिकारी रविशंकर चौधरी ने कहा कि एनएच के जूनियर इंजीनियर से बात हुई है. एक से दो दिनों में गड्ढे को भरवा दिया जायेगा.