कुर्था अरवल : भगवान भरोसे चल रहा कुर्था पीएचसी. अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था तो दूर की बात रही, यहां फार्मासिस्ट की भी नियुक्ति नहीं होने से चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के द्वारा कार्य किया जाता है जिससे अमूमन मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. बताते चलें कि कुछ दिनों पहले यहां फार्मासिस्ट बहाल थे परंतु उनका स्थांनातरण कुर्था पीएचसी अंतर्गत उपस्वास्थ्य केंद्र धमौल में कर दिया गया. उनके बदले कुर्था अस्पताल में जो फार्मासिस्ट की नियुक्ति की गयी वह अभी तक अपना कार्यभार नहीं संभाले हैं.
कुर्था पीएचसी में चतुर्थवर्गीय कर्मी करते हैं दवा का वितरण

कुर्था पीएचसी में चतुर्थवर्गीय कर्मी करते हैं दवा का वितरण
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कुर्था अरवल : भगवान भरोसे चल रहा कुर्था पीएचसी. अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था तो दूर की बात रही, यहां फार्मासिस्ट की भी नियुक्ति नहीं होने से चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के द्वारा कार्य किया जाता है जिससे अमूमन मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. बताते चलें कि कुछ दिनों पहले यहां फार्मासिस्ट बहाल थे परंतु उनका […]
ऐसे में दवा भंडार कक्ष की चाबी एक क्लर्क को देने का आदेश प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के द्वारा दिया गया है. वहीं दूसरी तरफ चतुर्थवर्गीय कर्मी के द्वारा दवा वितरण करवाया जा रहा है, जो विभागीय आदेश का खुलम -खुल्ला उल्लंघन है. सूत्र बताते हैं कि आयुष्मान भारत योजना के तहत जो दवा का क्रय हुआ है वो चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा अलग से भंडार पंजी खोला गया और उस भंडारण पंजी पर दवा का स्टॉक चढ़ाया गया.
ऐसा कहीं नियम नहीं है, क्योंकि एक दवा पंजी होता है और एक दवा भंडारण कक्ष होता है, उसी में दवा आता है और उसी भंडारण पंजी में दवा चढ़ता है. लेकिन पूर्व में पदस्थापित फार्मासिस्ट इस प्रक्रिया का विरोध करते थे. इसके वजह से उनका तबादला उप स्वास्थ्य केंद्र धमौल में किया गया है जो अक्सर बंद रहता है. इतना ही नहीं, कुछ माह पहले प्राथमिक चिकित्सा केंद्र कुर्था में सुरक्षा के दृष्टिकोण से सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था, परंतु वह भी शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है.