अरवल : करहा भरे रहने के कारण पांच गांवों के किसानों के खेतों तक नहीं पहुंच रहा है नहर का पानी, जिससे पांच गांवों की सैकड़ों एकड़ जमीन की सिंचाई पंपसेट के सहारे हो रही है. सिंचाई के लिए किसानों को पंपसेट का सहारा लेना पड़ रहा है. सदर प्रखंड के उमैराबाद, महुअरी, न्यू अरवल ताड़ीपर आदि खेतों पटवन होता है. नौ नंबर स्लुइस के पास से निकला करहा भरा हुआ है.
करहे की उड़ाही नहीं होने से खेतों तक नहीं पहुंच रहा पानी

करहे की उड़ाही नहीं होने से खेतों तक नहीं पहुंच रहा पानी
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अरवल : करहा भरे रहने के कारण पांच गांवों के किसानों के खेतों तक नहीं पहुंच रहा है नहर का पानी, जिससे पांच गांवों की सैकड़ों एकड़ जमीन की सिंचाई पंपसेट के सहारे हो रही है. सिंचाई के लिए किसानों को पंपसेट का सहारा लेना पड़ रहा है. सदर प्रखंड के उमैराबाद, महुअरी, न्यू अरवल […]
जल संसाधन विभाग की लापरवाही और जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण नहर से निकला करहा बेकार पड़ा है. इस संबंध में इन गांवों के किसान कई बार जल संसाधन विभाग को और जिला प्रशासन से गुहार लगा चुके है.
न्यू अरवल निवासी किसान छोटू यादव ने बताया कि हमलोग बहुत बार सोन केनाल के पास और प्रखंड में गुहार लगा चुके है. नहर का करहा भरा रहने के कारण किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा. उमैराबाद के किसान लालदेव सिंह ने कहा कि कई नहर करहा का उड़ाही नहीं होने के कारण किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा.
किसान महेंद्र चौधरी ने कहा कि नौ नंबर स्लुइस से लेकर महुअरी तक करीब सैकड़ों एकड़ भूमि की सिंचाई इस करहा से होती है. उन्होंने कहा कि अधिकतर लोग बटाई पर खेती कार्य करते है. हमलोग तो कई बार गुहार लगा चुके है. इसी तरह की बात किसान भिर्गु पासवान, जयकांत कुमार ने कहा कि करहा का उड़ाही बहुत जरूरी है. इस संबंध में सोन नहर अंचल के सीओ चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि नहर की उड़ाही के लिए कई बार उच्च के अधिकारियों को हमलोग सूचना दे चुके है. आदेश आते ही उड़ाही का कार्य करा दिया जायेगा.