करपी (अरवल) : वंशी थाना क्षेत्र के माली गांव निवासी 32 वर्षीय रोहन दास अपने एवं परिवार की पेट की खातिर लोगों के सामने नृत्य कर लोगों का मनोरंजन करता था. उसे यह नहीं पता था कि उसकी मौत महिला परिधान पहने ही होगी. अत्यंत ही निर्धन रोहन दास जिले के सैदपुर गहनु बैंड पार्टी में काम करता था.
बुधवार को कामता गांव निवासी बैजनाथ ठाकुर के बेटे की बरात औरंगाबाद जिले के बख्तियारपुर जा रही थी. इसी बरात में रोहन गहनु बैंड पार्टी की सहयोग से दरवाजे लगाते समय बैंड बाजे पर नाच लोगों का मन बहलाने के लिए पिकअप से अपने अन्य साथियों के साथ जा रहा था कि पिकअप दुर्घटनाग्रस्त हो गयी, जिसमें चार बैंड पार्टी में काम करने वाले लोगों की मौत हो गयी.
इसकी मौत महिला परिधान पहने ही हो गयी. घटनास्थल पर भी जुटी भीड़ इसके पोशाक को देख महिला ही समझ रहे थे. यहां तक कि अंत्यपरीक्षण हो जब इसका शव गांव आया तो अनजान लोग की मुंह से अचानक निकल जा रही थी कि बेचारी अभी जवान ही हई.
पास में खड़ा व्यक्ति बताता है कि यह महिला नहीं पुरुष है. रोहन की मौत के बाद इसके परिवार पर पहाड़ ही टूट पड़ा. मृतक की पत्नी बसंती देवी रोते -रोते बेहोश हो जा रही थी, तो बेटे पवन कुमार व बेटी प्रीति को गांव वाले संभाल रहे थे.
मृतक अत्यंत ही गरीब परिवार से था. मिट्टी फुस से बनी घर के सिवा इसके पास कुछ नहीं था. पति -पत्नी दोनों मजदूरी कर अपने एवं बच्चों का परवरिश करते थे. शादी समाहरोह में बैंड बाजे पर नाचने (लौंडा ) का काम कर कुछ पैसे कमाता था लेकिन वह अब न तो संसार के रंगमंच का कलाकार रहा और न ही गहनु बैंड बाजे का कलाकार.
मृतक के गांव में शव आते ही सभो लोग इसकी मौत से काफी दुखी है, क्योंकि वह काफी सरल स्वभाव का था. स्थानीय मुखिया ललन कुमार ने मृतक के परिजनों को सांत्वना देते हुए कबीर अंत्योष्टि के तहत तीन हजार रुपये नकद दिये एवं पदाधिकारियों से मिल सरकारी नियमानुसार अन्य सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया.
