किंजर घाट पर कभी भी हो सकता है हादसा

किंजर अरवल : किंजर-पुनपुन नदी घाटी स्थित सरकारी योजना से लगभग 50 लाख रुपये से बनी पक्की सीढ़ी घाट कभी भी ध्वस्त हो सकता है. कारण यह है कि सीढ़ी घाट का दक्षिणी और पूर्वी कोना पुनपुन नदी में बाढ़ के समय हुई तेज बहाव से निचला सतह खोखला हो गया है, जिसके चलते कभी […]

किंजर अरवल : किंजर-पुनपुन नदी घाटी स्थित सरकारी योजना से लगभग 50 लाख रुपये से बनी पक्की सीढ़ी घाट कभी भी ध्वस्त हो सकता है. कारण यह है कि सीढ़ी घाट का दक्षिणी और पूर्वी कोना पुनपुन नदी में बाढ़ के समय हुई तेज बहाव से निचला सतह खोखला हो गया है, जिसके चलते कभी भी सीढ़ी का वह भाग टूट सकता है. अभी पक्का सीढ़ी घाट में दरार बन गया है.

मालूम हो कि लगभग नौ वर्षों पूर्व तत्कालीन जहानाबाद के सांसद डॉ जगदीश शर्मा के अथक प्रयास से आइएपी सम विकास योजना की मदद से जिला प्रशासन ने ग्रामीण कार्य विभाग अरवल द्वारा निविदा निकालकर पक्का सीढ़ी घाट का निर्माण कराया था. पक्की सीढ़ी घाट बन जाने के बाद किंजर सूर्य मंदिर के पास आकर्षक दृश्य उत्पन्न हो गया था. बरसात के समय में सैकड़ों लोग सीढ़ी घाट पर बैठकर अद्भुत दृश्य का नजारा लेते हैं.
इतना ही नहीं, छठ पर्व, कार्तिक स्नान, पिंडदान व कर्मा, तीज व जिउतिया, शादी विवाह के वक्त हजारों लोग इस घाट का उपयोग करते हैं. अगर समय रहते जिला प्रशासन नहीं चेती तो एक हिस्सा टूटकर मुख्य सीढ़ी से अलग हो जायेगा. अरवल जिला करनी सेना के अध्यक्ष मुनचुन सिंह, मोहन सिंह मलखान, अंतीम कुमार आदि ने जिला प्रशासन से अविलंब इस धरोहर को सुरक्षित कराने की मांग की है.

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