अरवल : राज्य सरकार के तकनीकी सहयोगी संस्थान सीड्स और जिला तंबाकू नियंत्रण कोषांग के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को जिलाधिकारी रवि शंकर चौधरी की अध्यक्षता में समाहरणालय के सभागार मे जिलास्तरीय तंबाकू उन्मुखीकरण सह प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गयी. कार्यशाला का शुरुआत डीएम ने किया. उन्होंने बताया कि तंबाकू के दुष्परिणामों से बच्चों और वयस्कों को बचाना बहुत आवश्यक है.
डीएम ने अरवल को तंबाकू मुक्त जिला बनाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि स्कूलों में इस तरह का कार्यक्रम का संचालन किया जाये और सभी शिक्षण संस्थानों के पास से तंबाकू उत्पाद की दुकानों को यथाशीघ्र हटाया जाये. इस आदेश के उल्लंघन करने वालों को कोटपा जेजे एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में दंडित किया जायेगा.
अब शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में जो भी दुकानें हैं, उसे हटा देना है. सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने कार्य क्षेत्रों में कोटपा 2003 के विभिन्न धाराओं का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. साथ ही कहा कि तंबाकू के निर्माता, थोक और खुदरा विक्रेता बिना बोर्ड के तंबाकू उत्पाद का विक्रय नहीं कर सकेंगे.
सभी सरकारी और गैर सरकारी कार्यलय व शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू मुक्त घोषित करने का निर्देश दिया और कहा कि इसके लिए सघन अभियान चलाया जायेगा. सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वालों पर कार्रवाई की जायेगी.
बच्चों और वयस्कों को तंबाकू उत्पाद बेचने पर लगेगा एक लाख तक का जुर्माना और सात साल तक की सजा होगी. कार्यशाला में एसपी उमाशंकर प्रसाद, सिविल सर्जन डॉ त्रिवेणी प्रसाद, डीएसपी शशिभूषण सिंह, तंबाकू नियंत्रण के नोडल पदाधिकारी, सीड्स के कार्यक्रम पदाधिकारी सुनील कुमार चौधरी, धर्मेंद्र कुमार, प्रभारी जिला नोडल पदाधिकारी डॉ विजय भूषण प्रसाद आदि ने हिस्सा लिया.
