अरवल : डीएम के आदेश के बावजूद जिला परिवहन कार्यालय अपने भवन में शिफ्ट नहीं हो पाया. नवनिर्मित हाइटेक भवन सभी सुविधाओं से लैस बन कर तैयार है.
पूर्व डीएम सतीश कुमार सिह ने विभाग को अपने भवन में शिफ्ट करने के लिए कहा था, लेकिन उनके आदेश के बाद भी जिला परिवहन कार्यालय अपने भवन में शिफ्ट नहीं हुआ.
करीब डेढ़ करोड़ की लागत से बना जिला परिवहन भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है. जो बन कर महीनों से तैयार है. लेकिन आज भी समाहरणालय के एक कमरे में ही जिला परिवहन कार्यालय.
तीन मंजिले इस भवन के सभी दीवारों पर लोगों के जागरूकता के लिए परिवहन विभाग से संबंधित सभी जानकारी दी जायेगी. फाइन चार्ट, धारा, टैक्स फी समेत अन्य जानकारियों को दीवारों पर फ्लैक्स के माध्यम से लगायी जानी है. ग्राउंड फ्लोर में हेल्प डेस्क की स्थापना की जायेगी. इससे आम लोगों को परिवहन विभाग से संबंधित काम व फार्म समेत अन्य जानकारी दी जायेगी.
इससे कार्यालय आनेवाले लोगों को सभी जानकारी आसानी से मुफ्त में मिल सकेगी. इससे बिचौलियों पर लगाम लगेगा. डीटीओ कार्यालय को बिचौलियों से दूर रखने के लिए सीसी कैमरा भी लगाया जायेगा. इसके अलावा सभी कर्मचारियों की सूची भी दीवार पर लगायी जायेगी व उनका स्थान व फोन नंबर अंकित किया जायेगा. इससे आम लोगों को अपना काम कराने में परेशानी नहीं होगी.
जिला में परिवहन कार्यालय चलने के कारण बिचौलियों की चांदी है. हमेशा भीड़ कार्यालय में लगी रहती है. हालांकि कोई ज्यादा प्रेशर कार्य का कार्यालय में नहीं है. फिर भी बिचौलिये कार्यालय के चक्कर लगाते रहते है. अभी जिला परिवहन पदाधिकारी जहानाबाद ही जिला परिवहन पदाधिकारी के चार्ज में हैं.
