करपी (अरवल) : अरवल एवं पटना जिले की सीमा पर स्थित एनएच 110 को इमामगंज बाजार में ग्रामीणों ने सोमवार को सड़क जाम कर दी, जिसके फलस्वरूप वाहनों की लंबी कतारें लग गयीं एवं आवागमन बाधित हो गया. आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि इमामगंज-जम्हारु पंचायत अंतर्गत बाला बिगहा, नयका पुल से इमामगंज नाला तक पइन […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
करपी (अरवल) : अरवल एवं पटना जिले की सीमा पर स्थित एनएच 110 को इमामगंज बाजार में ग्रामीणों ने सोमवार को सड़क जाम कर दी, जिसके फलस्वरूप वाहनों की लंबी कतारें लग गयीं एवं आवागमन बाधित हो गया. आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि इमामगंज-जम्हारु पंचायत अंतर्गत बाला बिगहा, नयका पुल से इमामगंज नाला तक पइन उड़ाही का कार्य स्थानीय मुखिया के द्वारा किया जाना था, लेकिन कार्य पूर्ण नहीं होने के कारण बरसात के समय में पानी लग जाने से जल निकासी की भारी समस्या उत्पन्न हो गयी है, जिससे आस-पास रहने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
सड़क जाम की सूचना मिलते ही खीरी मोड़ पुलिस ने इमामगंज पहुंचकर स्थानीय मुखिया को बुलाया एवं मुखिया को बुलाकर ग्रामीणों के समक्ष मुखिया के द्वारा शीघ्र उड़ाही का आश्वासन दिये जाने के बाद सड़क जाम समाप्त की गयी. मुखिया प्रतिनिधि देवनारायण ने बताया कि पइन उड़ाही का कार्य शीघ्र पूरा करा दिया जायेगा.
सड़क के लिए तरस रहे है सेवाबिगहा गांव लोग : कुर्था अरवल. आजादी के कई दशक बीत जाने के बाद भी प्रखंड क्षेत्र के सेवाबिगहा गांव एक अदद सड़क को तरस रही है. कभी शिक्षिका शशि प्रभा की हत्या के समय सुर्खियों में रहा यह गांव, उस समय पहुंचने वाले कई जनप्रतिनिधियों ने उक्त गांव में पक्की सड़क देने का वादा किया था लेकिन अब तक इस मामले में किसी भी जनप्रतिनिधि व अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई. बताते चलें कि उक्त गांव में लगभग 200 से अधिक घर है जहां 600 से 700 लोगों की आबादी है. इस बाबत गांव के निवासी महेंद्र शर्मा, विनोद शर्मा, बैकुंठ यादव, सूदर्शन यादव, प्रदीप प्रसाद समेत कई लोगों ने संयुक्त रुप से बताया कि आजादी के 61 वर्ष बीतने को है लेकिन अब तक सेवाबिगहा गांव को एक अदद सड़क तक नसीब नहीं हो सका है.
हद तो तब हो जाती है जब बरसात के दिनों में गांव के लोगों को पगडंडी के सहारे उक्त गांव में जाने पड़ते हैं जहां कीचड़ से सने पगडंडी रहते हैं. ऐसे में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.