भाकपा-माले की जन अधिकार पदयात्रा को किया रवाना
अरवल : भाकपा-माले की जन अधिकार पदयात्रा को लाल झंडा दिखाकर माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने प्रखंड परिसर से रवाना किया. इससे पहले दीपंकर भट्टाचार्य नरसंहार पीड़ित गांव लक्ष्मणपुर बाथे गये और शहीद स्मारक पर माल्यार्पण किया. अरवल में पद यात्रियों का को रवाना करने से पहले प्रखंड परिसर में भाकपा-माले नेता उपेंद्र पासवान की अध्यक्षता में एक सभा का आयोजन हुआ. इसमें दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि भाकपा-माले की पदयात्रा के बारे में लोग कह रहे हैं कि गर्मी और लग्न के साथ में नहीं होनी चाहिए थी लेकिन अभी जो हालात देश के सामने है, उसे देखते हुए संघर्ष खड़ा करने के लिए कोई मौसम नहीं देखा जा सकता.
हम चाहते हैं कि वीर भगत सिंह के देश भारत में हिटलर शाही नहीं चले. यहां की जनता ऐसे सोच वालों को दफन कर देगी. बिहार संघर्षों की भूमि रही है. गुलामी के खिलाफ इसी बिहार से आंदोलन खड़ा हुआ था. जब 70 के दशक में यही बिहार अंकुश लगाने के लिए आगे आया था. इसलिए हिटलरशाही साम्राज्यवाद को समाप्त करने के लिए बिहार की धरती से जन अधिकार पदयात्रा की शुरुआत की है. उन्होंने कहा लोग पूछते हैं कि भाजपा के खिलाफ तीसरा मोर्चा बनेगा, मैं आश्वस्त कर देना चाहता हूं कि बन सकता है लेकिन वह मोर्चा वीर भगत सिंह के विचारों का गरीब-मजदूर का संघर्ष मोर्चा बनेगा. बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा को रोकने के लिए मोर्चा बना था, जिसे जनता ने समर्थन दिया लेकिन लोग उसी भाजपा के गोद में चले गये. सभा को माले के अरवल जिला सचिव महानंद ने भी संबोधित किया. इस मौके पर भाकपा-माले के राज्य सचिव कुणाल शर्मा आदि उपस्थित थे.
