आरोपित डॉक्टरों ने नहीं माना था सीएस का निर्देश
अरवल : जिला पदाधिकारी सतीश कुमार सिंह ने अपने कक्ष में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की. इस दौरान सिविल सर्जन का आदेश नहीं मानने के आरोप में डॉ रंजू, डॉ नुसरत हाशमी, डॉ सरवत जहां, डॉ अर्चना सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश देते हुए इन चारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को पत्र लिखने को कहा.
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा जीवन से जुड़ा है. इसमें कोताही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जायेगी. इन चार चिकित्सकों के खिलाफ पहले भी कार्य में कोताही बरते जाने का आरोप समय-समय पर लगता रहा है. सदर अस्पताल में 3 बजे के बाद अगर कोई प्रसव वेदना से तड़पती महिला आ जाये तो उसे देखने के लिए कोई महिला चिकित्सक नहीं होती है . इसको लेकर विगत दिनों बवाल भी हुआ था, तब रात्रि में अनुमंडल पदाधिकारी किरण सिंह ने सदर अस्पताल जाकर मामला को संभाला था .
इन सब बातों को रेखांकित करते हुए कहा गया है कि जीवन से जुड़ी किसी भी सेवा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. डीएम ने कहा कि सरकार आप को बहुत सारी सुविधा देती है. जनता की सेवा करने के लिए आप को अमल में लाना होगा. डीएम ने कहा कि सदर अस्पताल के कार्यशैली की जांच के लिए तीन सदस्य पदाधिकारियों की जांच कमेटी बनेगी और जांच करेगी कि कौन- कौन चिकित्सक रोस्टर के अनुसार ड्यूटी पर नहीं रहते हैं. उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. बैठक में सिविल सर्जन डॉ राजकुमार शर्मा, डीपीएम मुक्ता भारती, रोहित कुमार उपस्थित थे.
