हादसे से नहीं किया जा सकता इन्कार
अरवल : सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय डगरा आहर के 501 छात्र-छात्रा दो जर्जर कमरों में बैठकर अपनी पढ़ाई करते हैं. स्कूल भवन तक जाने के लिए छात्र-छात्राओं को अब तक रास्ता भी नहीं बनाया गया है जिसके कारण अन्य दिनों के अलावा बरसात के मौसम में विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों को काफी परेशानी होती है. वर्ग छह,सात और आठ के बच्चे बगल के एलपीजी संस्था के भवन में बैठा कर पढ़ाया जाता है. उक्त विद्यालय इतना जर्जर है कि कभी भी बड़ी घटना को अंजाम देने से इन्कार नहीं किया जा सकता है. हल्की बारिश होने पर भी छत से पानी का रिसाव के कारण शिक्षण का कार्य बाधित हो जाता है.
इस दिशा में विद्यालय प्राचार्य के द्वारा अनेकों बार विभाग को पत्राचार के माध्यम से सूचित किया जा चुका है. कमरे के दरवाजे व खिड़की भी जर्जर स्थिति में है जो विद्यालय के कागजात को भी सुरक्षित रखना एक मुश्किल काम है. दो कमरे में सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे दी जाती है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. हालांकि बच्चों को पढ़ाने के लिए विद्यालय में 12 शिक्षकों की तैनाती की गयी है लेकिन शिक्षक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें तो कैसे दें यह एक बहुत बड़ा सवाल है. विद्यालय में एक शौचालय है वह भी जर्जर स्थिति में है .जर्जर भवन में किसी भी समय अप्रिय घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता है. विभाग को इस दिशा में कारगर पहल कर भवन का निर्माण कराना चाहिए.
– अनिल कुमार
क्या कहते हैं पदाधिकारी
विद्यालय के जमीन संबंधित मामला प्रशासन के समक्ष चल रहा था लेकिन हाल-फिलहाल में इस दिशा में निबटारा किया गया है. भवन निर्माण की दिशा में अग्रसर कार्रवाई की जा रही है.
कृष्णा प्रसाद, जिला शिक्षा पदाधिकारी
