परेशानी. गेहूं की बुआई के लिए किसान परेशान
करपी (अरवल) : जिले में गेहूं की बुआई का कार्य चल रहा है. गेहूं बुआई के लिए खेतों के पटवन की आवश्यकता होती है लेकिन सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच आयी हैं. किसान आखिर खेतों का पटवन करें तो कैसे. यह समस्या विकराल बन गयी है. जिले में राजकीय नलकूप 42 लगे हैं लेकिन सब के सब बंद पड़े हैं. फेज-08 के कुल 04 नलकूप जिले में हैं वे भी किसी न किसी कारण से बंद हैं. फेज -11 के 36 नलकूप जिले में है जो महज पानी दे रहे है.
बंद नलकूपों को चालू कराने की घोषणा विगत कई वर्षों से की जा रही है. गर्मी के मौसम में जब जल स्तर काफी नीचे चला जाता है, तो पानी के लिए हाहाकार मच जाता है. लोग सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतर आते हैं. ऐसी स्थिति में सरकार की नींद खुलती है और बंद पड़े नलकूपों को चालू कराने की घोषणा की जाती है लेकिन यह घोषणा मात्र हवा- हवाई साबित होता है. जिले में लगाये गये अधिकतर नलकूप वर्षों पुराने व खुले में हैं जिसमें शरारती तत्वों ने उसमें ईंट-पत्थर डाल दिया है, जिसके कारण वह खराब हो गया है. बिजली के अभाव में भी कई नलकूप बंद पड़े हैं. कुछ नलकूप तो अथक प्रयास के बाद चालू कराये गये लेकिन अधिकांश नलकूप आज भी बंद पड़े हैं. किसानों एवं किसान संगठनों द्वारा सरकार एवं जिला प्रशासन से बराबर यह मांग की जाती है कि बंद पड़े नलकूपों को चालू कराया जाये, ताकि सिंचाई का साधन उपलब्ध हो सके लेकिन नलकूपों को चालू कराने की दिशा में सार्थक पहल नहीं की जाती है.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिले में फेज -11 के 36 नलकूप हैं जो सबके सब चालू अवस्था में हैं. राजकीय नलकूप एवं फेज-8 के नलकूप बंद पड़े हैं लेकिन शताब्दी नलकूप को विभाग चालू कराने में लगा हुआ है और इसके लिए किसानों से आवेदन भी मांगा गया है.
मनोहर कुमार, कनीय अभियंता, नलकूप विभाग.
