नियंत्रण में है. जिला मुख्यालय में धारा 144 की वजह से लोग अपने-अपने घरों में दुबके रहे. मंगलवार को पूरे दिन सभी दुकानें बंद रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. साथ ही मुख्यालय शहर से आने-जाने वाले लोगों को जेलखानों की तरह घरों में कैद रहना पड़ा. स्थिति का जायजा लेने के लिए डीआईजी राजेश कुमार, मगध प्रमंडल आयुक्त जितेंद्र श्रीवास्तव मुख्यालय शहर में कैंप किये थे.
जबकि डीएम सतीश कुमार सिंह, एसपी दिलीप कुमार मिश्र, एसडीओ यशपाल मीणा के अलावा अन्य वरीय पदाधिकारी मुख्यालय शहर के भिन्न-भिन्न स्थानों का जायजा लेते रहे. जिला प्रशासन द्वारा आम लोगों से शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से लोगों को आगाह किया जाता रहा. शहर में सभी संदिग्ध मोहल्लों एवं गलियों में पुलिस की गश्त जारी रही. इस दौरान मुख्यालय शहर के अलावा अन्य स्थानों पर भी पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च किया गया.
मौका पाकर कुछ लोग आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए निकलें, लेकिन दुकानें बंद होने के कारण वापस लौटना पड़ा. सोमवार को संभावित घटना की आशंका से इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गयी थी जिस कारण आवश्यक कार्य करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. जिला मुख्यालय में शांति व्यवस्था कायम करने के लिए बुद्धिजीवियों, राजनीतिक दल के लोग, समाजसेवियों के अलावा अन्य लोगों ने आम लोगों से सहयोग करने के लिए अपील की है.
