वंशी (अरवल) : एक ओर सरकार ने किसानों को सिंचाई सुविधा समेत विभिन्न योजनाओं के लिए राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन बार-बार घोषणा कर रही है लेकिन घोषणा के अनुरूप कोचहसा रजवाहा,आईयारा रजवाहा तथा अमरा रजवाहा नहर से किसानों के खेतों की पटवन आज भी नहीं हो पा रही है.
कोचहसा रजवाहा नहर के अस्तित्व को धरातल पर लाने में सरकार के करोड़ों रुपये की लागत से नहर की खुदाई हुई. नहर के खुदाई के समय कोचहसा ,गुलाबगंज, भुआपुर, रामापुर, खजुरी, करपी समेत विभिन्न गांवों में अवैध रूप से कब्जा कर नहर में बनाये गये मकान को तोड़ा गया. उस समय किसानों में खुशी झलक रही थी कि अब नहर के पानी से खेत में फसल लहलहायेगी लेकिन नहर की खुदाई के 10 वर्ष बीतने के बाद भी कोचहसा रजवाहा नहर की अंतिम छोर कंसारा गांव तक एक बूंद भी पानी नहीं पहुंचा,
जिससे किसान महंगे डीजल जला कर धान के फसल को बचाने में जुटे हैं. क्षेत्र के किसानों की खुशहाली के लिए सरकार ने डीजल अनुदान, बीज अनुदान समेत विभिन्न योजनाओं को चलाकर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है लेकिन इसका लाभ प्रखंड के किसानों को नहीं मिल पा रहा है. आज किसान डीजल अनुदान के लिए प्रखंड से लेकर बैंक का चक्कर काट रहे हैं लेकिन किसानों के खाते पर डीजल अनुदान की राशि नहीं मिली. किसान सत्येंद्र शर्मा ने बताया कि सरकार किसानों को ठग रही है.
घोषणा के अनुरूप प्रखंड के किसानों को डीजल अनुदान, फसल बीमा योजना पदाधिकारी जिला प्रशासन से उन्होंने नहर में पानी तथा किसानों को फसल बीमा का लाभ देने की मांग की है. संघर्ष समिति के अध्यक्ष पुनदेव सिंह के काफी संघर्ष तथा धरना प्रदर्शन के बाद कोचहसा रजवाहा नहर की खुदाई हुई थी लेकिन आज फिर नहर का अस्तित्व समाप्त होती जा रही है.
नहर में पानी नहीं आने से नहर को अतिक्रमण कर कब्जा जमाने में स्थानीय लोग जुटे हैं. बताते चलें कि खजुरी ग्राम स्थित बिजली पावर हाउस के समीप दर्जनों महादलित परिवार के लोग घर बनाने में जुटे हैं. हालांकि इसकी सूचना ग्रामीणों ने करपी प्रखंड मुख्यालय थाना तथा नहर विभाग के प्रभारी को दी है. लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण अवैध रूप से कब्जा जमाये दर्जनों महादलित परिवार एकजुट होकर घर बनाने में लगे हैं. अगर अभी अवैध कब्जा करने वाले लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में कोचहसा रजवाहा के अस्तित्व का संकट गहराने लगेगा.
