बसपड़ाव नहीं होने से यात्री परेशान

अतिक्रमण किये जाने के कारण अक्सर जाम की बन जाती है स्थिति करपी(अरवल) : प्रखंड मुख्यालय से प्रतिदिन दर्जनों वाहन खुलते हैं, लेकिन बस पड़ाव नहीं होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. वहीं, कम जगह होने पर वर्तमान में वाहन पड़ाव पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. […]

अतिक्रमण किये जाने के कारण अक्सर जाम की बन जाती है स्थिति

करपी(अरवल) : प्रखंड मुख्यालय से प्रतिदिन दर्जनों वाहन खुलते हैं, लेकिन बस पड़ाव नहीं होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. वहीं, कम जगह होने पर वर्तमान में वाहन पड़ाव पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. सरकारी बस स्टैंड नहीं होने के कारण सरकार को प्रत्येक वर्ष लाखों रुपये के राजस्व की हानि होती है. जानकारी के अनुसार, पूर्व में मुख्यालय स्थित बड़का पुल से जाने वाला स्थान पर यात्री वाहनों का ठहराव होता था . नब्बे दशक के बाद यही स्थान बस स्टैंड के रूप जाना जाने लगा. थोड़ी सी जगह में आने -जाने वाले यात्री वाहनों का ठहराव होती है. इस स्थान से जहानाबाद, कोलकाता,
पटना, अरवल, पालीगंज, आरा, हसपुरा, उपहरा, बनतारा, कुर्था समेत अन्य स्थानों के लिए यात्री वाहन खुलते हैं. थोड़ी-सी जगह एवं स्थानीय लोगों के द्वारा अतिक्रमण किये जाने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है. सरकारी बस पड़ाव नहीं होने के कारण यात्रियों को तो असुविधा होती ही है साथ ही सरकारी राजस्व की भी हानि होती है. ऐसी बात नहीं कि एजेंटी के नाम पर पैसे नहीं वसूले जाते लेकिन वह पैसा सरकार के खाते में नहीं जाती है और ना ही उस पैसे से यात्रियों के लिये कोई सुविधा उपलब्ध करायी जाती है. यहां न तो यात्रियों के बैठने के लिए जगह है और न ही शौचालय और पेयजल व्यवस्था. सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण खासकर वैसे महिला यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जो बस के इंतजार में अपने छोटे-छोटे बच्चे के साथ होते हैं और वह शौच कर देता है, उस समय वैसे महिला यात्रियों के समक्ष एक बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाती है. जानकारी के अनुसार कई वर्ष पूर्व बस पड़ाव के लिए जमीन की मापी भी अंचल विभाग के द्वारा की गयी थी. शायद वह फाइल अब दीमक की भेंट चढ़ गयी होगी, लेकिन आज तक बस पड़ाव का निर्माण नहीं हो सका.
क्या कहते हैं लोग
बस पड़ाव नहीं होने के कारण वाहन सड़क पर ही खड़े किये जाते हैं जिससे सड़क जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. हमेशा तू-तू, मैं-मैं होता है.
वेंकटेश शर्मा
अगर बस पड़ाव होता, तो यात्रियों को काफी सुविधा एवं सुरक्षा दोनों होती. बस पड़ाव नहीं होने से लोगों को सड़क पर ही खड़े होकर गाड़ी का इंतजार करना पड़ता है, जिससे दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है.
राकेश कुमार

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