Arrah News: भोजपुर जिले में उफनती नदियों और निचले इलाकों में फैले बाढ़ के पानी ने दो हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां छीन ली हैं. शहर से सटे मुफस्सिल थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में रविवार की दोपहर बाढ़ के गहरे पानी में डूबने से दो छात्रों की असमय मौत हो गई. पहली दुखद घटना दौलतपुर गांव में सामने आई, जबकि दूसरा हादसा शोभी डुमरा गांव में घटित हुआ. दोनों ही घटनाओं के बाद मुफस्सिल थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शवों को कब्जे में लेकर आरा सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर परिजनों को सौंप दिया.
बाजार से लौटते समय सड़क किनारे गहरे गड्ढे में डूबा 9 वर्षीय आर्यन
दौलतपुर गांव में घटी पहली घटना में संतोष चौधरी के 9 वर्षीय पुत्र आर्यन कुमार की जान चली गई. आर्यन तीसरी कक्षा का छात्र था. मृतक के परिजन जितेंद्र कुमार ने बताया कि गांव और आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी पूरी तरह फैला हुआ है. रविवार की दोपहर आर्यन बाजार से सामान लेकर घर लौट रहा था. रास्ते में सड़क पर जमा पानी और कीचड़ के कारण उसका पैर अचानक फिसल गया, जिससे वह सड़क किनारे गहरे गड्ढे (चाट) में जमा बाढ़ के पानी में गिर पड़ा. पानी गहरा होने और संभलने का मौका न मिलने से वह डूब गया. आसपास मौजूद लोगों के शोर मचाने पर परिजन पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से उसे बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं. आर्यन दो भाइयों में छोटा था और उसकी मौत से मां प्रियंका देवी तथा बड़े भाई आदित्य राज का रो-रोकर बुरा हाल है.
शोभी डुमरा में तेज बहाव की चपेट में आकर 11 वर्षीय शिवजी की मौत
दूसरी हृदयविदारक घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के ही शोभी डुमरा गांव में हुई, जहां रामसूरत पासवान के 11 वर्षीय पुत्र शिवजी पासवान की बाढ़ के पानी में डूबने से जान चली गई. शिवजी सातवीं कक्षा का छात्र था. स्थानीय जिला परिषद सदस्य धनंजय यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार की दोपहर किशोर किसी काम से घर से बाहर निकला था. इसी बीच सड़क किनारे बह रहे बाढ़ के तेज बहाव की चपेट में आकर उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे में बह गया. जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, तब तक वह गहरे पानी में समा चुका था. ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी.
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़, मुआवजे की उठी मांग
मृतक शिवजी अपने तीन भाइयों और एक बहन में दूसरे स्थान पर था. उसके असामयिक निधन से मां पिंटू देवी, भाई लवकुश व आशीष और बहन काजल कुमारी गहरे सदमे में हैं. एक ही दिन थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग गांवों में मासूम बच्चों की डूबने से हुई मौतों ने समूचे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. दोनों गांवों में मातम पसरा हुआ है और पीड़ित परिवारों के घरों में चीख-पुकार मची है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से दोनों पीड़ित परिवारों को आपदा प्रबंधन विभाग के तहत निर्धारित चार-चार लाख रुपये की सरकारी मुआवजा राशि तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है.
