झारखंड कोर्ट कर्मचारी के बेटे को दोस्तों ने मारी थी गोली, दो गिरफ्तार

गर्लफ्रेंड के भाई और चाचा को फंसाने के लिए कोर्ट कर्मी के पुत्र ने रची थी साजिश कोर्ट कर्मी के बेटे ने गर्लफ्रेंड के भाई सहित चार लोगों पर किया था केस

आरा.

उदवंतनगर थाने की पुलिस ने डेम्हां गांव निवासी कोर्ट कर्मी के बेटे को गोली मारे जाने की गुत्थी सुलझा दी है. दोस्तों द्वारा कोर्ट कर्मी के बेटे दिव्य प्रकाश को गोली मारी गयी थी. गोली मारने वाले दो दोस्तों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार भी कर लिया गया है.

इनमें गड़हनी थाना क्षेत्र के रामपुर गांव निवासी रामावतार सिंह के पुत्र अनीश कुमार और चरपोखरी थाने के डेगोडिहरी गांव निवासी कौशल सिंह के पुत्र अनीश कुमार शामिल हैं. पुलिस की पूछताछ में दोनों द्वारा दिव्य प्रकाश को गोली मारने की बात स्वीकार की गयी है. कहा गया है कि दिव्य प्रकाश के कहने पर ही उसे गोली मारी गयी थी. हालांकि अबतक गोली मारने में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी नहीं हो सका है. पुलिस दोनों से पूछताछ के आधार पर हथियार बरामदगी के प्रयास में जुटी है. एसपी मिस्टर राज की ओर से गुरुवार को मामले का खुलासा होने और दो दोस्तों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गयी है. एसपी की ओर से जारी प्रेस बयान के अनुसार रविवार 20 जुलाई की शाम डेम्हां गांव दिव्य प्रकाश की ओर से कुछ लोगों पर खुद को गोली मार जख्मी करने की शिकायत दर्ज करायी गयी थी. उसमें गड़हनी थाना क्षेत्र के प्रिंस उर्फ मोहित, गोविंद कुमार, उसी गांव के ओम प्रकाश और बिहिया वार्ड नंबर 10 निवासी संतोष कुमार को नामजद किया गया था. प्रिंस कुमार उर्फ मोहित और गोविंद कुमार दिव्य प्रकाश की प्रेमिका के भाई, जबकि ओम प्रकाश चाचा हैं. प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मामले को काफी गंभीरता से लेते हुए तफ्तीश शुरू की गयी. डीआइयू टीम की मदद से उदवंतनगर थानाध्यक्ष जयंत प्रकाश की ओर से तकनीकी आधारित अनुसंधान शुरू किया गया. वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान एवं सत्यापन के क्रम में पता चला कि दिव्य प्रकाश की ओर से अपनी प्रेमिका के भाई और चाचा को केस में फंसाने के उद्देश्य से घटना की साजिश रची गयी. उसके तहत दिव्य प्रकाश द्वारा अपने दोनों दोस्तों को भी साजिश में शामिल किया गया.प्लानिंग के तहत रविवार की शाम गड़हनी बाजार से लौटते वक्त डेम्हां गांव के पास घटना को अंजाम दिया गया. बताया जा रहा है कि दिव्य प्रकाश कुछ समय से प्रिंस की बहन से प्रेम करता था. यह बात प्रिंस और उसके परिजनों को गवारा नहीं था. उसे लेकर प्रिंस द्वारा दिव्य प्रकाश को अपनी बहन से दूर रहने को कहा गया था. उससे दिव्य प्रकाश प्रिंस और उसके चाचा से नाराज था. उसी को लेकर दिव्य प्रकाश की ओर से दोनों को फंसाने की साजिश रची गई थी. बता दें कि रविवार की शाम डेम्हा गांव निवासी हरमेंद्र प्रताप सिंह के पुत्र इंटर के छात्र दिव्य प्रकाश गोली मारी गई थी. हरमेंद्र प्रताप सिंह झारखंड के कोडरमा सिविल कोर्ट के कर्मी हैं.

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Author: DEVENDRA DUBEY

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