Arrah Murder of Social Worker : भोजपुर के चरपोखरी थाना क्षेत्र के गड़हनी गांव में गोली से घायल समाजसेवी मो. जकी की इलाज के दौरान मौत हो गई. शुक्रवार देर शाम हथियारबंद अपराधियों ने घर में घुसकर उन्हें गोली मार दी थी. गंभीर हालत में परिजन उन्हें इलाज के लिए आरा के निजी अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई.
मौत की खबर मिलते ही ग्रामीणों का फूटा आक्रोश
समाजसेवी की मौत की खबर फैलते ही परिजन और स्थानीय ग्रामीण आक्रोशित हो उठे. लोगों ने गड़हनी गांव मोड़ के पास आरा-सासाराम स्टेट हाईवे को शव के साथ जाम कर दिया. इस दौरान टायर जलाकर आगजनी की गई और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई.
थानाध्यक्ष को हटाने और अपराधियों के एनकाउंटर की मांग
प्रदर्शन कर रहे लोग हत्या में शामिल आरोपितों के एनकाउंटर और चरपोखरी थानाध्यक्ष को हटाने की मांग कर रहे थे. ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस की लापरवाही के कारण अपराधियों ने समाजसेवी की गोली मारकर हत्या कर दी. प्रदर्शनकारी मौके पर पुलिस अधीक्षक को बुलाने की मांग पर भी अड़े रहे.
पांच घंटे तक सड़क पर थमा रहा आवागमन
आक्रोश के कारण करीब पांच घंटे तक आरा-सासाराम स्टेट हाईवे पर आवागमन बाधित रहा. सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. इससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
अधिकारियों के आश्वासन के बाद हटाया गया जाम
जाम की सूचना मिलने पर साइबर डीएसपी सह प्रभारी सदर एसडीपीओ वन रौशन कुमार और जगदीशपुर एसडीपीओ राहुल कुमार मौके पर पहुंचे. पुलिस अधिकारियों ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई का आश्वासन दिया. 48 घंटे के अंदर अपराधियों की गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम हटा लिया और वाहनों का परिचालन शुरू हुआ.
मां के बयान पर सात नामजद और चार अज्ञात पर केस
मृतक की मां आमना खातून के बयान पर चरपोखरी थाना में सात नामजद और चार अज्ञात आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. नामजद आरोपितों में गड़हनी निवासी सलीम अंसारी उर्फ बब्लू, उसकी पत्नी जुलेखा खातून, पुत्र मो. आरजू, मो. वारीस उर्फ बिट्टू, मो. दानिश, संजीदा खातून और अभिषेक कुमार शामिल हैं.
घर में घुसकर गोली मारने का आरोप
प्राथमिकी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे आरोपित कथित तौर पर मो. जकी के घर पहुंचे थे. आरोप है कि सलीम अंसारी उर्फ बब्लू ने ललकारा, जिसके बाद मो. आरजू और मो. वारीस उर्फ बिट्टू ने मो. जकी को गोली मार दी. बीच-बचाव करने पहुंची उनकी मां के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप प्राथमिकी में लगाया गया है.
मादक पदार्थ के कारोबार को लेकर हुई थी बैठक
प्राथमिकी में शराब सहित मादक पदार्थ के कारोबार का मुद्दा भी सामने आया है. मृतक के परिजनों के अनुसार, 8 सितंबर को गांव में मादक पदार्थ की बिक्री पर रोक लगाने को लेकर बैठक हुई थी. मृतक के चचेरे भाई मो. अमन ने भी दावा किया कि गांव में मादक पदार्थ के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने के बाद ही उन्हें निशाना बनाया गया.
चचेरे भाई ने बताई हत्या की वजह
मो. अमन के अनुसार, गांव में कई तस्करों द्वारा शराब सहित मादक पदार्थ का कारोबार किए जाने की शिकायत थी. इसी मुद्दे को लेकर गड़हनी और चरपोखरी थाना की पुलिस तथा ग्रामीणों के बीच बैठक हुई थी. उनका दावा है कि बैठक में मो. जकी ने मादक पदार्थ के कारोबार पर रोक लगाने की मांग उठाई थी और इसी विवाद के कारण उनकी हत्या की गई.
पुलिस के सामने अब आरोपितों की गिरफ्तारी की चुनौती
मामले में सात नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस के सामने आरोपितों की गिरफ्तारी और घटना की वजह स्पष्ट करने की चुनौती है. प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है. वहीं, ग्रामीणों को दिए गए 48 घंटे के गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद अब पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजर है.
Also Read : फुटपाथ पर कब्जा, सड़क के बीच चल रहे बच्चे और हजारों वाहन, आरा में अतिक्रमण बना स्थायी समस्या
