भगवान महावीर मार्ग, जेल रोड स्थित श्री दिगंबर जैन चंद्रप्रभु मंदिर में श्री मुनिसंघ सेवा समिति, आरा के तत्वावधान में आचार्य श्री सुलभ सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में आयोजित श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान का भव्य समापन हुआ. प्रातःकाल जिनेन्द्र प्रभु की भक्तिपूर्वक अभिषेक, पूजन व शांतिधारा की गई.
इसके बाद गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर चंद्रप्रभु मंदिर में साक्षात विराजमान आचार्य श्री सुलभ सागर जी महाराज का उत्कृष्ट द्रवों से पाद प्रक्षालन, गुरुभक्ति, महाआरती और शास्त्र भेंट गुरुभक्तों द्वारा किया गया. विधान के समापन पर सम्मान समारोह और विश्वशांति महायज्ञ का आयोजन हुआ.
निकाली गई भव्य पालकी शोभायात्रा
मीडिया प्रभारी निलेश कुमार जैन ने बताया कि विधान की समाप्ति पर भगवान जिनेन्द्र प्रभु की भव्य पालकी शोभायात्रा निकाली गई. जिसमें जैन ध्वज एवं मंगल कलश लेकर गाजे-बाजे के साथ सैकड़ों की संख्या में भक्तगण शामिल हुए. यह शोभायात्रा जेल रोड, शिवगंज, हॉस्पिटल रोड, बड़ी मठिया, महादेवा रोड, धर्मन चौक, गोपाली चौक होते हुए पुनः चंद्रप्रभु मंदिर पहुंची. वहां भगवान का अभिषेक व पूजन के पश्चात उन्हें मूल वेदी में विराजमान किया गया.
साधर्मी वात्सल्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
विधान के समापन पर सभी भक्तों के लिए मंदिर प्रांगण में साधर्मी वात्सल्य की व्यवस्था की गई थी, जिसे भक्तों ने प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया. संध्याकालीन कार्यक्रमों में आरती, गुरुभक्ति, भजन, प्रश्नमंच और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में चातुर्मास समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं सैकड़ों गुरुभक्तों की भूमिका बेहद अहम रही.
