Chher River Water Level : तीन राष्ट्रीय राजमार्गों को आपस में जोड़ने वाला महत्वपूर्ण शाहपुर-बनाही स्टेशन रोड एक बार फिर छेर नदी की उफनती धारा के आगे बेबस नजर आने लगा है. रुद्रनगर गांव के समीप बनाए गए अस्थायी डायवर्सन पर गुरुवार को करीब दो फीट पानी चढ़ जाने से आवागमन खतरे में पड़ गया है.
नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से आशंका जताई जा रही है, जिससे शाम तक इस मार्ग पर पैदल आवाजाही भी पूरी तरह बंद हो सकती है. फिलहाल जान जोखिम में डालकर स्कूली बच्चे पानी पार कर विद्यालय पहुंच रहे हैं, जबकि टेंपो समेत अन्य छोटे-बड़े वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो चुका है.
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ग्रामीणों का कहना है कि तेज बहाव के कारण डायवर्सन पर पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे कभी भी संपर्क टूट सकता है.
छात्रों और आम नागरिकों की बढ़ें मुश्किलें
इस डायवर्सन के दक्षिण की तरफ के गांवों से प्रत्येक दिन हजारों की संख्या में लोग शाहपुर आते हैं, जिनमें पढ़ने वाले छात्र व छात्राओं की संख्या सबसे अधिक है. इसके साथ ही सैकड़ों लोग इलाज व बाजार में अपने जरूरत के सामानों को खरीदने के लिए आते हैं.
ग्रामीण कृष्णाकांत सिंह और मुन्ना तिवारी ने बताया कि अब इस सड़क से गुजरना खतरे से खाली नहीं है. एक सप्ताह पहले भी छेर नदी के तेज बहाव में यही डायवर्सन पूरी तरह बह गया था.
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इसके बाद ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंताओं ने सैकड़ों ट्रॉली ईंट के टुकड़े, रोड़े और ह्यूम पाइप डालकर कड़ी मशक्कत के बाद अस्थायी डायवर्सन तैयार किया था. इसके बावजूद करीब 12 दिनों तक इस महत्वपूर्ण सड़क पर यातायात पूरी तरह बंद रहा.
सड़क का महत्व और ग्रामीणों की मांग
यह सड़क शाहपुर को बनाही स्टेशन के रास्ते राष्ट्रीय राजमार्ग-922, राष्ट्रीय राजमार्ग-84 तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-30 से जोड़ती है. ऐसे में मार्ग बाधित होने से आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों, छात्रों, किसानों और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र स्थायी पुल निर्माण और तत्काल वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था करने की मांग की है.
वहीं, छेर नदी का जलस्तर जिस तेजी से बढ़ रहा है, उससे अगले कुछ घंटों में इस मार्ग का संपर्क पूरी तरह टूटने की आशंका गहरा गई है.
