आरा सदर अस्पताल: कोरोना काल में शुरू हुआ ऑक्सीजन प्लांट बंद, फिर भी रोज खरीदे जा रहे 45 सिलेंडर

Arrah Sadar Hospital Oxygen Plant : आरा सदर अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट वर्षों से बंद पड़ा है, जबकि मरीजों के लिए हर दिन 45 ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदे जा रहे हैं. पाइपलाइन बिछाई होने के बावजूद प्लांट से ऑक्सीजन आपूर्ति न होने पर सवाल उठ रहे हैं.

Arrah Sadar Hospital Oxygen Plant : आरा सदर अस्पताल में कोरोना काल के दौरान लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट अब तक चालू नहीं होने का मामला सामने आया है. अस्पताल में मरीजों के बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइपलाइन भी बिछाई गई है, लेकिन प्लांट से इसकी आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है. ऐसे में अस्पताल में ऑक्सीजन की जरूरत पूरी करने के लिए सिलेंडर खरीदे जा रहे हैं. अस्पताल में रोज करीब 45 सिलेंडर की खपत बताई जा रही है.

वर्षों से लगा ऑक्सीजन प्लांट अब तक नहीं हुआ चालू

सदर अस्पताल में कोरोना संक्रमण के दौरान मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था. बाद में पुराने भवन को तोड़कर नया भवन भी तैयार किया गया. नए भवन के उद्घाटन को एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद ऑक्सीजन प्लांट को चालू नहीं किया जा सका है.

गैस सिलेंडर स्थापित

बेड तक पाइपलाइन पहुंची, लेकिन नहीं मिल रही प्लांट की ऑक्सीजन

अस्पताल में मरीजों के बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइपलाइन की व्यवस्था भी की गई है. इसके बावजूद प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू नहीं होने से इस सुविधा का अपेक्षित इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है. इससे अस्पताल की व्यवस्था और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं.

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सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद सिलेंडर पर खर्च

ऑक्सीजन प्लांट और पाइपलाइन की सुविधा उपलब्ध होने के बाद भी अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदे जा रहे हैं. अस्पताल प्रबंधन की इस व्यवस्था के कारण सरकारी राशि का लगातार खर्च हो रहा है. प्लांट चालू होने पर अस्पताल में ऑक्सीजन की जरूरत का एक हिस्सा स्थानीय स्तर पर पूरा किया जा सकता था.

रोज करीब 45 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत का दावा

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मॉडल अस्पताल में प्रतिदिन करीब 45 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत होती है. एक सिलेंडर के लिए करीब 1,600 से 2,800 रुपये तक भुगतान किए जाने की बात सामने आई है. इस हिसाब से रोजाना होने वाला खर्च काफी अधिक हो सकता है.

मरीजों को भी नहीं मिल पा रहा अपेक्षित लाभ

सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित करने का उद्देश्य जिले के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है. अस्पताल में इलाज, जांच और एक्स-रे जैसी सुविधाओं को मजबूत करने की कोशिश की गई है. लेकिन ऑक्सीजन प्लांट के चालू नहीं होने से गंभीर मरीजों के लिए उपलब्ध एक महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधा का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है.

कोरोना के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था

ऑक्सीजन प्लांट की जरूरत कोरोना महामारी के दौरान सबसे अधिक महसूस हुई थी. उस समय अस्पतालों में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता को लेकर विशेष व्यवस्था की गई थी. लेकिन महामारी के बाद भी प्लांट का नियमित संचालन शुरू नहीं हो पाना अस्पताल की व्यवस्थागत समस्या को सामने लाता है.

सरकारी सुविधा और प्रबंधन के बीच सामने आया अंतर

सरकार की ओर से सदर अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं. वहीं, उपलब्ध ऑक्सीजन प्लांट का इस्तेमाल नहीं होने से मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है. इससे अस्पताल में संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रबंधन की कार्यक्षमता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है.

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By नरेद्र प्रसाद सिंह

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