आरा सदर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट रहते सिलेंडर की खरीद, रोजाना 45 सिलेंडर पर खर्च

Arrah Sadar Hospital Oxygen Plant : आरा सदर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट के चालू न होने से मरीजों को भारी परेशानी हो रही है। करोड़ों की लागत से लगे प्लांट के बावजूद सिलेंडर पर हर दिन हजारों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यह व्यवस्था सरकारी राशि के दुरुपयोग और अक्षमता पर सवाल खड़े करती है।

Arrah Sadar Hospital Oxygen Plant : आरा सदर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट उपलब्ध होने के बावजूद उसके चालू नहीं होने से अस्पताल में मरीजों को पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन की सुविधा नहीं मिल पा रही है. वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से ऑक्सीजन सिलेंडर की खरीद पर लगातार राशि खर्च की जा रही है. इससे अस्पताल की व्यवस्था और सरकारी राशि के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

सरकार की सुविधाओं के बावजूद मरीजों को नहीं मिल रहा पूरा लाभ

जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित किया गया है. इसका उद्देश्य मरीजों को बेहतर इलाज और जांच की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़े. इसके बावजूद ऑक्सीजन प्लांट के चालू नहीं होने से उपलब्ध सुविधा का पूरा लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है.

स्थापित ऑक्सीजन प्लांट

कोरोना काल में लगाया गया था ऑक्सीजन प्लांट

कोरोना संक्रमण के दौरान सदर अस्पताल में ऑक्सीजन की जरूरत को देखते हुए ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था. इसके जरिए मरीजों तक पाइपलाइन के माध्यम से ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था की गई थी. बाद में अस्पताल के पुराने भवन को तोड़कर नया भवन बनाया गया. नए भवन का उद्घाटन हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन ऑक्सीजन प्लांट को अब तक चालू नहीं किया गया है.

बेड तक पाइपलाइन पहुंचने के बाद भी नहीं शुरू हुआ प्लांट

अस्पताल में मरीजों के बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइपलाइन भी बिछाई जा चुकी है. इसके बावजूद प्लांट के संचालन की सुविधा शुरू नहीं होने से मरीजों को सिलेंडर के जरिए ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है. ऐसे में प्लांट के उपयोग और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

रोजाना करीब 45 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत

जानकारी के अनुसार मॉडल अस्पताल में प्रतिदिन करीब 45 ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत पड़ रही है. प्रत्येक सिलेंडर के लिए करीब 1600 से 2800 रुपये तक भुगतान किया जा रहा है. इस हिसाब से ऑक्सीजन सिलेंडर की खरीद पर रोजाना बड़ी राशि खर्च हो रही है.

प्लांट चालू होने पर कम हो सकता है खर्च

ऑक्सीजन प्लांट के चालू होने से अस्पताल में मरीजों को पाइपलाइन के माध्यम से ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा सकती है. इससे सिलेंडर की नियमित खरीद पर होने वाला खर्च कम किया जा सकता है. ऐसे में लंबे समय से बंद पड़े प्लांट को शुरू नहीं किए जाने को लेकर अस्पताल प्रबंधन से जवाबदेही की मांग उठ रही है.

व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

एक ओर सरकार की ओर से सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित कर मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने की कोशिश की जा रही है, वहीं दूसरी ओर ऑक्सीजन प्लांट जैसी महत्वपूर्ण सुविधा के उपयोग में नहीं आने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ऑक्सीजन सिलेंडर की खरीद से सरकारी राशि के खर्च को लेकर भी जांच और स्पष्टता की जरूरत महसूस की जा रही है.

Also Read : आरा के इन इलाकों में आज 6 घंटे नहीं रहेगी बिजली, देखें प्रभावित क्षेत्रों की लिस्ट

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By नरेद्र प्रसाद सिंह

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >