आरा के अल हाफ़िज कॉलेज के 208 छात्रों का परीक्षा फाॅर्म स्वीकार कर परीक्षा लेने का आदेश
पटना.
हाइ कोर्ट ने आरा के अल हाफ़िज कॉलेज के 208 छात्रों का परीक्षा फाॅर्म स्वीकार करने और उन सभी छात्रों का परीक्षा लेने का आदेश बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को दिया है. कोर्ट ने परीक्षा समिति को कहा कि अप्रैल माह में होने वाले पूरक वार्षिक इंटरमीडिएट परीक्षा में 208 छात्रों को परीक्षा में शामिल करें. न्यायमूर्ति हरीश कुमार की एकलपीठ ने इस मामले को लेकर दायर याचिका पर लंबी सुनवाई के बाद यह आदेश दिया. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अरुण कुमार ने कोर्ट को बताया कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने गलत तरीके से इन छात्रों का परीक्षा फाॅर्म लेने से इंकार कर दिया. उनका कहना था कि इंटर की पढ़ाई कॉलेज के बजाये स्कूल में होती हैं . सिर्फ संस्थान का नाम में कॉलेज होने के कारण परीक्षा समिति ने इंटर के छात्रों को परीक्षा में शामिल करने से इंकार कर दिया. उनका कहना था कि इंटर के छात्रों के लिए बुनियादी ढांचा अलग है. कॉलेज से कोई मतलब नहीं है. सिर्फ संस्थान के नाम में कॉलेज लगा हुआ है. इंटर की पढ़ाई के लिए कॉलेज ने किसी भी नियम और वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन नहीं किया है . उन्होंने शैक्षणिक सत्र 2024-26 के सभी 208 छात्रों को परीक्षा में शामिल करने की गुहार कोर्ट से लगायी. वहीं याचिका का विरोध करते हुए महाधिवक्ता पीके शाही ने कोर्ट को बताया कि आरा के अल हाफ़िज़ कॉलेज ने गैरकानूनी तरीके से छात्रों का नामांकन लिया है. उनका कहना था कि बिहार में इंटर की पढ़ाई कॉलेज नहीं स्कूल में होती है. परीक्षा समिति ने इस कॉलेज को नामांकन लेने पर प्रतिबंध लगाये जाने के बावजूद छात्रों का नामांकन लिया. उन्होंने छात्रों को इंटर परीक्षा में शामिल नहीं किये जाने को सही करार दिया. कोर्ट ने दोनों पक्षों की ओर से पेश दलील को सुनने के बाद छात्रों को पूरक परीक्षा में शामिल करने का आदेश देते हुए याचिका को निष्पादित कर दिया.
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