आरा (शाहपुर) से मिथिलेश्वर प्रसाद सिन्हा की रिपोर्ट
Bharat Tiwari Encounter : भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में युवक भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत का मामला अब राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ता जा रहा है. इस घटना को लेकर पूर्व विधायक राहुल तिवारी उर्फ मंटू तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है.
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और मुख्यमंत्री को स्वयं इस पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि घटना की जानकारी प्रशासनिक स्तर पर पहले से थी, इसके बावजूद स्थिति को नियंत्रित करने के बजाय यह घटना घटित हो गई. उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
एनकाउंटर पर उठाए सवाल
राहुल तिवारी ने कहा कि मृतक भरत भूषण तिवारी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था. उन्होंने दावा किया कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और ऐसी स्थिति में उसे सामान्य तरीके से भी गिरफ्तार किया जा सकता था. उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्थिति नियंत्रण में लाई जा सकती थी, तो एनकाउंटर की आवश्यकता क्यों पड़ी.
पुलिस कार्रवाई को बताया हत्या
पूर्व विधायक ने इस पूरी घटना को एनकाउंटर नहीं बल्कि हत्या करार दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने मनमानी तरीके से गोली चलाई, जिससे एक युवक की जान चली गई. उन्होंने यह भी कहा कि डीएसपी और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में यह घटना हुई, जो कई सवाल खड़े करती है.
न्याय व्यवस्था पर टिप्पणी
राहुल तिवारी ने सरकार की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि व्यवस्था पर भरोसा नहीं है तो न्यायालय की आवश्यकता पर भी सवाल उठ सकते हैं. उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में भी चर्चा को तेज कर दिया है.
परिवार से मुलाकात और आश्वासन
पूर्व विधायक ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया. परिवार ने भी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है.
बिलौटी एनकाउंटर मामला अब केवल एक पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक और सामाजिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका है. जहां एक ओर प्रशासन अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष और स्थानीय नेता इसे गंभीर सवालों के घेरे में रख रहे हैं. आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है.
