Arrah East Level Crossing Foot-Over Bridge : आरा शहर के पूर्वी रेलवे गुमटी पर लंबे समय से लंबित फुटओवर ब्रिज के निर्माण में अब तेजी दिखाई देने लगी है. वर्षों तक निर्माण कार्य के अधूरे रहने और बीच-बीच में काम रुकने के बाद गाटर के ऊपर कंक्रीट की सतह तैयार करने का काम शुरू किया गया है. निर्माण स्थल पर गतिविधियां बढ़ने से आसपास के लोगों में एक बार फिर पुल के जल्द पूरा होने की उम्मीद जगी है.
वर्षों से अधूरा पड़ा है फुटओवर ब्रिज
पूर्वी रेलवे गुमटी पर फुटओवर ब्रिज निर्माण की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है. पहले यहां लोहे के गाटर खड़े किए गए थे. इसके बाद रेलवे ट्रैक के ऊपर गाटर रखने का काम भी किया गया, लेकिन निर्माण की रफ्तार धीमी पड़ने के कारण परियोजना लंबे समय तक अधूरी रही. वर्ष 2025 में काम दोबारा शुरू होने के बाद भी इसकी गति को लेकर सवाल उठते रहे.
अब आगे बढ़ता दिख रहा निर्माण
अब गाटर के ऊपर कंक्रीट की सतह तैयार करने का काम शुरू होने से निर्माण के अगले चरण में पहुंचने के संकेत मिले हैं. हालांकि, अभी पुल का कितना काम बाकी है और इसे आम लोगों के लिए कब तक खोला जाएगा, इसकी अंतिम समय-सीमा सामने नहीं आई है. ऐसे में स्थानीय लोगों की नजर अब निर्माण की रफ्तार और शेष कार्य पूरा होने पर टिकी है.
गुमटी बंद होने से बढ़ी लोगों की परेशानी
पूर्वी रेलवे गुमटी बंद होने के बाद आरा शहर के उत्तरी और दक्षिणी हिस्से के बीच सीधा आवागमन प्रभावित हुआ है. हसनपुरा, गठौला, बहीरो, गोधना रोड सहित आसपास के मोहल्लों और दक्षिणी इलाके के गांवों से आने-जाने वाले लोगों को दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ता है.
लोगों को तय करनी पड़ रही अतिरिक्त दूरी
स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्वी गुमटी बंद होने के बाद कई लोगों को आरा शहर के मुख्य हिस्से तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है. इसका असर रोजाना आने-जाने वाले लोगों के साथ स्कूल-कॉलेज, अस्पताल और बाजार जाने वाले लोगों पर भी पड़ा है.
व्यापारियों को भी राहत की उम्मीद
पूर्वी गुमटी के आसपास कारोबार करने वाले दुकानदारों और व्यापारियों को भी लंबे समय से आवागमन प्रभावित होने की परेशानी झेलनी पड़ रही है. गुमटी के दूसरी ओर स्थित मंडी और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों तक पहुंच प्रभावित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं. स्थानीय कारोबारियों को उम्मीद है कि फुटओवर ब्रिज शुरू होने के बाद दोनों हिस्सों के बीच आवाजाही बढ़ेगी और व्यापार को भी इसका लाभ मिलेगा.
पैदल यात्रियों के साथ हल्के वाहनों की सुविधा का दावा
पूर्व में स्वीकृत योजना के अनुसार इस लाइट फुटओवर ब्रिज का उद्देश्य पैदल यात्रियों के साथ दोपहिया और तीनपहिया वाहनों के आवागमन को सुविधा देना भी बताया गया था. यदि योजना के अनुरूप सुविधा उपलब्ध होती है तो दक्षिणी इलाके की बड़ी आबादी को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है.
निर्माण में तेजी की मांग उठती रही है
फुटओवर ब्रिज का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग स्थानीय लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों की ओर से भी उठती रही है. आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने भी पूर्व में आरा रेलवे स्टेशन और निर्माणाधीन फुटओवर ब्रिज का निरीक्षण किया था. इस दौरान रेलवे अधिकारियों से निर्माण कार्य में तेजी लाने की बात कही गयी थी.
तय समय पर पूरा नहीं हो सका था काम
जनवरी 2026 में पुल को चालू किए जाने की संभावित समय-सीमा को लेकर भी खबरें सामने आयी थीं, लेकिन निर्धारित समय तक निर्माण पूरा नहीं हो सका. अगस्त 2026 तक भी पुल के अधूरे रहने की स्थिति बनी हुई थी. अब एक बार फिर निर्माण कार्य आगे बढ़ने से स्थानीय लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं.
अब लोगों को पूरा होने का इंतजार
गाटर के ऊपर कंक्रीट का काम शुरू होने के बाद लोगों की मुख्य मांग है कि निर्माण कार्य इस बार लगातार जारी रहे और बचे हुए सभी काम जल्द पूरे किए जाएं. वर्षों से आवागमन की परेशानी झेल रहे लोगों को उम्मीद है कि फुटओवर ब्रिज जल्द तैयार होकर दोनों हिस्सों के बीच आवाजाही को आसान करेगा.
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