Arrah CJP Protest News : आरा दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा, रोजगार, पेपर लीक और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र-युवाओं पर कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को आरा रेलवे स्टेशन परिसर में प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर विरोध जताया.
राजद नेताओं ने सरकार पर लगाया दमन का आरोप
कार्यक्रम का नेतृत्व राजद प्रवक्ता एवं पूर्व छात्र नेता आलोक रंजन ने किया, जबकि संचालन जिला पार्षद भीम यादव ने किया. इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. आलोक रंजन ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन केंद्र सरकार छात्रों और युवाओं की आवाज सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज कर रही है. उन्होंने कहा कि युवा रोजगार, पेपर लीक, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार संवाद के बजाय दमन का रास्ता अपना रही है.
छात्रों की मांगों पर संवाद की अपील
जिला परिषद सदस्य भीम यादव ने कहा कि शिक्षा और रोजगार की मांग कर रहे युवाओं पर बल प्रयोग लोकतंत्र पर सीधा हमला है. सरकार को आंदोलनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए. युवा नेता अनुराग पांडेय ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता, भर्ती में देरी, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा पर बढ़ता आर्थिक बोझ युवाओं की प्रमुख समस्याएं हैं. इनका समाधान करने के बजाय आंदोलनकारियों पर बल प्रयोग करना उचित नहीं है.
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग
युवा नेता कुमुद पटेल ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज का सम्मान होना चाहिए और सरकार को दमन के बजाय संवाद की नीति अपनानी चाहिए. पूर्व छात्र नेता अभिषेक द्विवेदी ने कहा कि यदि युवाओं की मांगों को नजरअंदाज किया गया तो उनका आक्रोश और बढ़ेगा. वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के शोधार्थी रजनीश यादव ने कहा कि छात्र-युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का हर प्रयास विफल होगा और उनका संघर्ष जारी रहेगा.
निष्पक्ष जांच की उठी मांग
कार्यक्रम के अंत में प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर हुई लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने, आंदोलनरत छात्रों और युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करने तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की. प्रदर्शन में जिला परिषद सदस्य सोनू रजक, हरिफन यादव, रजनीश यादव, तुषार विजेता, धनजीत यादव, देव, अमित ठाकुर, तेजू त्यागी, प्रिंस ठाकुर, विकास, गांगुली, विकू प्रधान, मुन्ना सम्राट, अनुज, विजय, रवि सहित बड़ी संख्या में छात्र और युवा मौजूद रहे.
