Jagdishpur Dilapidated School Building : आरा के प्राथमिक विद्यालय देवघर मोती टोला के भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर विद्यालय को करीब 2.5 किलोमीटर दूर प्राथमिक विद्यालय गोपाल के बथान से संबद्ध कर दिया गया है. अब देवघर मोती टोला के बच्चों को प्रतिदिन अपने विद्यालय से गोपाल के बथान तक ले जाकर पढ़ाई कराने की व्यवस्था की गयी है. इस व्यवस्था को लेकर बच्चों के अभिभावकों में नाराजगी है.
शिक्षकों को बच्चों को साथ ले जाने का निर्देश
इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की ओर से पत्र जारी कर शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रतिदिन प्राथमिक विद्यालय देवघर मोती टोला पहुंचें और बच्चों को अपने साथ प्राथमिक विद्यालय गोपाल के बथान ले जाएं. पढ़ाई समाप्त होने के बाद बच्चों को वापस उनके विद्यालय के पास छोड़ने का भी निर्देश दिया गया है.
रोजाना पांच किलोमीटर पैदल चलने की चिंता
विद्यालयों के बीच करीब 2.5 किलोमीटर की दूरी होने के कारण बच्चों को आने-जाने में दोनों ओर मिलाकर लगभग पांच किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी. अभिभावकों का कहना है कि छोटी उम्र के बच्चों के लिए प्रतिदिन इतनी दूरी पैदल तय करना परेशानी भरा होगा. इससे बच्चों में थकान होने के साथ उनके स्वास्थ्य और पढ़ाई पर भी असर पड़ने की आशंका है.
बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित
अभिभावकों का कहना है कि वे अपने छोटे बच्चों को प्रतिदिन इतनी दूर पैदल स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं हैं. उनका सवाल है कि बच्चों को स्कूल ले जाने या वापस लाने के दौरान किसी तरह की दुर्घटना या अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा. अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते हैं.
शिक्षा बाधित नहीं करना चाहते अभिभावक
अभिभावकों ने कहा कि वे बच्चों की शिक्षा बाधित नहीं करना चाहते हैं. जर्जर विद्यालय भवन के कारण पैदा हुई समस्या का ऐसा समाधान होना चाहिए, जिससे बच्चों की पढ़ाई भी जारी रहे और उनकी सुरक्षा से भी समझौता न हो.
गांव में निजी भवन उपलब्ध कराने को तैयार
अभिभावकों ने बताया कि गांव में विद्यालय संचालन के लिए वे अपने स्तर से निजी भवन उपलब्ध कराने को पूरी तरह तैयार हैं. उनका कहना है कि यदि प्राथमिक विद्यालय देवघर मोती टोला का संचालन गांव में ही अभिभावकों की ओर से उपलब्ध कराये गये निजी भवन में किया जाता है तो बच्चों को 2.5 किलोमीटर दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उनकी पढ़ाई भी सुचारू रूप से जारी रह सकेगी.
बीईओ सह बीडीओ को दिया लिखित आवेदन
इस मांग को लेकर अभिभावकों ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी, जगदीशपुर को लिखित आवेदन दिया है. इसमें बच्चों के हित और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विद्यालय भवन के नवनिर्माण तक अभिभावकों की ओर से उपलब्ध कराये गये निजी भवन में स्कूल संचालित करने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया है.
स्थायी समाधान की मांग
अभिभावकों का कहना है कि गांव में ही विद्यालय का संचालन होने से बच्चों की शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रह सकेगी. साथ ही उन्हें प्रतिदिन करीब पांच किलोमीटर पैदल चलने की परेशानी से भी राहत मिलेगी. अभिभावकों ने बच्चों के भविष्य, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गांव में ही वैकल्पिक भवन में तत्काल पठन-पाठन शुरू कराने की मांग की है.
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