Arrah News : भोजपुर जिले के तरारी प्रखंड में शुक्रवार को टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान टीबी मरीजों के बीच फूड बास्केट का वितरण किया गया. इस अवसर पर उपस्थित चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि टीबी का सफल उपचार केवल नियमित रूप से दवा लेने से ही संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए मरीजों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेना भी बेहद जरूरी है.
दवा के साथ पौष्टिक भोजन अनिवार्य, इससे बढ़ती है मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता
कार्यक्रम को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अभय कांत चौधरी ने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी से मजबूती से लड़ने के लिए दवा के साथ-साथ पौष्टिक भोजन का सेवन करना अनिवार्य है. उन्होंने बताया कि बेहतर और संतुलित आहार लेने से मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) तेजी से बढ़ती है, जिससे मरीजों पर टीबी का उपचार अधिक प्रभावी हो जाता है. उन्होंने सभी टीबी मरीजों को गंभीर सलाह दी कि वे अपने पूरे इलाज के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें, नियमित रूप से दवा लें और किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तत्काल चिकित्सकों से सम्पर्क करें.
वर्ष 2026 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का रखा गया है बड़ा लक्ष्य
प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अभय कांत चौधरी ने इस अभियान के दूरगामी उद्देश्यों के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि 'टीबी हारेगा, देश जीतेगा' अभियान के तहत सरकार ने वर्ष 2026 तक पूरे देश को टीबी मुक्त बनाने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है.
