Bhojpur Crime News : भोजपुर जिले के कोईलवर थाना क्षेत्र में एक जुलाई को हुए चर्चित चाचा-भतीजा गोलीकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. जांच में सामने आया कि पैर में गोली लगने से घायल भतीजे ने ही अपने दोस्त के साथ मिलकर चाचा की गोली मारकर हत्या की थी. वारदात के बाद उसने खुद अपने पैर में गोली मार ली, ताकि घटना को दूसरा रूप देकर पुलिस को गुमराह किया जा सके. पुलिस ने आरोपी भतीजे और उसके साथी को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त देसी पिस्तौल और 7.65 एमएम की दो जिंदा कारतूस बरामद कर लिए हैं.
कोर्ट से लौटते समय दिया वारदात को अंजाम
एसडीपीओ सदर-2 रणजीत कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि एक जुलाई की शाम बबुरा थाना क्षेत्र के इंग्लिसपुर निवासी दीपक कुमार अपने चाचा सूरज राय के साथ आरा कोर्ट से गवाही देकर लौट रहा था. पचैना-धर्मपुर रोड पर धर्मपुर के समीप दोनों को गोली लगी. घटना में सूरज राय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दीपक के पैर में गोली लगी थी. सूचना मिलने पर पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया और मामले की जांच शुरू की.
पहले चचेरे भाइयों पर लगाया था हत्या का आरोप
घटना के बाद घायल दीपक कुमार ने अपने बयान में चचेरे भाई और अन्य लोगों पर हमला करने का आरोप लगाते हुए कोईलवर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. पुलिस ने जब घटनास्थल का निरीक्षण, तकनीकी और मानवीय साक्ष्य, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज तथा परिजनों के बयान खंगाले तो पूरी कहानी बदल गई.
संपत्ति के विवाद में रची गई थी हत्या की साजिश
पुलिस जांच में पता चला कि मृतक सूरज राय अविवाहित थे और उन्होंने अपनी संपत्ति दोनों भाइयों के बीच बांट दी थी. इसी बात से भतीजा दीपक नाराज था. उसने अपने दोस्त विपिन कुमार, निवासी चकिया (डोरीगंज थाना क्षेत्र), को साथ लेकर हत्या की साजिश रची. कोर्ट में गवाही का बहाना बनाकर चाचा को अपने साथ ले गया और लौटते समय सिर और पेट में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी.
खुद को घायल कर पुलिस को करना चाहता था गुमराह
चाचा की हत्या के बाद दीपक ने अपने पैर में भी गोली मार ली, ताकि वह खुद को पीड़ित साबित कर सके. इसके बाद उसने हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल अपने दोस्त को देकर वहां से भगा दिया और पुलिस को सूचना दी. बाद में उसी के बयान पर रिश्तेदारों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया.
पुलिस ने हथियार के साथ दोनों आरोपियों को दबोचा
पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी दीपक कुमार और उसके साथी विपिन कुमार को गिरफ्तार कर लिया. उनके पास से हत्या में प्रयुक्त देसी पिस्तौल और 7.65 एमएम की दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए. पुलिस ने दोनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत अलग मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
