आरा सांसद ने रेलवे स्टैंडिंग कमिटी में उठाईं शाहाबाद की रेल समस्याएं, रेलमंत्री को भी लिखा पत्र; नई ट्रेन से लेकर दर्जनों स्टेशनों पर सुविधाओं की मांग

आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने रेलवे स्टैंडिंग कमिटी की बैठक में शाहाबाद क्षेत्र की रेल समस्याओं और यात्री सुविधाओं से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए. उन्होंने रेल मंत्री को पत्र भेजकर नई ट्रेनों, स्टेशन सुधारों और मौजूदा रेल परियोजनाओं को जल्द पूरा करने की मांग की है.

Arrah MP Raised Railway Issues : आरा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुदामा प्रसाद ने रेलवे स्टैंडिंग कमिटी की बैठक में भोजपुर, बक्सर, रोहतास और औरंगाबाद समेत पूरे शाहाबाद क्षेत्र की रेल समस्याओं और यात्री सुविधाओं से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए. उन्होंने इन मांगों को लेकर रेल मंत्री को पत्र भी भेजा है. सांसद ने कहा कि शाहाबाद क्षेत्र की आबादी लगातार बढ़ रही है, लेकिन रेल सेवाओं और यात्री सुविधाओं का विस्तार लोगों की जरूरत के अनुरूप नहीं हो सका है. आरा और आसपास के लाखों यात्रियों, विद्यार्थियों, मजदूरों, किसानों और व्यापारियों के लिए रेल नेटवर्क का विस्तार और रेलवे के आधारभूत ढांचे का आधुनिकीकरण जरूरी है.

आरा से दिल्ली नई जनसाधारण ट्रेन चलाने की मांग

सांसद ने जनसाधारण श्रेणी के यात्रियों की सुविधा के लिए आरा से दिल्ली के बीच नई जनसाधारण ट्रेन चलाने की मांग की. इसके साथ ही आरा जंक्शन पर डोरमेट्री बनाने, स्टेशन के पास व्यवस्थित ऑटो स्टैंड और पार्किंग की व्यवस्था करने की मांग भी रखी. उन्होंने स्टेशन परिसर में पार्किंग के नाम पर यात्रियों से कथित अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाने और साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर करने की मांग की.

छह दशक पुरानी आरा-बलिया रेल परियोजना को जल्द पूरा करने की मांग

सुदामा प्रसाद ने केंद्रीय बजट में प्रस्तावित आरा-बलिया नई रेल लाइन परियोजना का काम जल्द शुरू कराने और पूरा करने की मांग की. उन्होंने कहा कि भोजपुर और बलिया के लोगों की यह करीब छह दशक पुरानी मांग है. रेल लाइन बनने से आरा और आसपास के इलाकों से बलिया की यात्रा दूरी करीब 40 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रियों के समय व खर्च दोनों की बचत होगी. उन्होंने कहा कि भोजपुर और बलिया अभी तक सड़क-पुल से भी सीधे नहीं जुड़े हैं. सड़क मार्ग से बलिया जाने के लिए बक्सर होकर जाना पड़ता है, जबकि रेल यात्रा में पाटलिपुत्र या हाजीपुर होकर जाना पड़ता है. परियोजना पूरी होने से सीमावर्ती बिहार और उत्तर प्रदेश में व्यापार, कृषि, लघु उद्योग और रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी तथा दियारा क्षेत्र के लाखों लोगों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा.

राजधानी समेत प्रमुख ट्रेनों के ठहराव और विस्तार की मांग

सांसद ने कहा कि पिछले एक साल से आरा स्टेशन पर महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव, कुछ ट्रेनों का आरा तक विस्तार और पटना-दानापुर से आरा के लिए अतिरिक्त यात्री ट्रेनों की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित प्रगति नहीं हुई. उन्होंने राजधानी एक्सप्रेस, पटना-इंदौर एक्सप्रेस, अकालतख्त एक्सप्रेस, सीमांचल एक्सप्रेस, अनन्या एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, राजेंद्र नगर-हावड़ा एक्सप्रेस, नई दिल्ली-हावड़ा दुरंतो, गंगा-दामोदर एक्सप्रेस और पटना-हावड़ा जनशताब्दी समेत कई ट्रेनों के आरा में ठहराव की मांग की. भागलपुर-दानापुर इंटरसिटी को आरा होते हुए बक्सर तक विस्तारित करने की मांग भी रखी गई.

विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों के लिए अतिरिक्त ट्रेन की जरूरत

आरा-बक्सर क्षेत्र से पटना में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए रियायती मासिक और त्रैमासिक रेल पास की सुविधा देने की मांग की गई. सांसद ने बताया कि शाम 7:30 बजे के बाद पटना या दानापुर से आरा आने के लिए पर्याप्त यात्री ट्रेन उपलब्ध नहीं है और अगली सीधी सवारी गाड़ी करीब 10:10 बजे मिलती है. ऐसे में 7:30 से 10:10 बजे के बीच नई पैसेंजर ट्रेन चलाने की मांग की गई. इसके अलावा सासाराम से आरा के लिए शाम 4 बजे नई पैसेंजर या MEMU ट्रेन शुरू करने की मांग भी की गई.

आरा-सासाराम रेलखंड के दोहरीकरण और स्टेशनों के विकास पर जोर

सांसद ने आरा-सासाराम रेलखंड के दोहरीकरण का काम जल्द पूरा कराने तथा कसाप, गड़हनी, पीरो, हसन बाजार, चरपोखरी समेत सभी स्टेशनों और हाल्टों को यात्री सुविधाओं के अनुरूप विकसित करने की मांग की. हसन बाजार हाल्ट को पूर्ण रेलवे स्टेशन का दर्जा देने के साथ पर्याप्त लंबाई और ऊंचाई वाले प्लेटफॉर्म, यात्री शेड, पेयजल, शौचालय, रोशनी, बैठने की व्यवस्था, टिकट काउंटर और प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग की गई. पीरो स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाने और गड़हनी स्टेशन पर आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने, प्लेटफॉर्म का उन्नयन तथा पहुंच पथ का पुनर्निर्माण कराने की मांग भी शामिल है. गड़हनी में आरा-रांची एक्सप्रेस और चरपोखरी में इंटरसिटी एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की गई. कसाप, नोनार, सेमराव समेत अन्य हाल्टों पर पहले बंद किए गए पैसेंजर ट्रेनों के ठहराव को बहाल करने की मांग भी रखी गई.

छोटे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया

सांसद ने आरा-बक्सर और आरा-पटना के बीच पड़ने वाले छोटे स्टेशनों की बदहाल स्थिति का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि कई जगह प्लेटफॉर्म जर्जर और ऊबड़-खाबड़ हैं तथा यात्रियों के बैठने, पेयजल और शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. सभी छोटे स्टेशनों पर स्थायी यात्री शेड, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, वाटर कूलर, महिला और पुरुष शौचालय, पर्याप्त रोशनी, रैंप तथा दिव्यांग यात्रियों के लिए सुगम पहुंच की व्यवस्था करने की मांग की गई. रात में पर्याप्त प्रकाश नहीं होने से यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका जताते हुए जरूरत के अनुसार CCTV और RPF/GRP की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी की गई.

बिहिया और बनाही स्टेशन पर कई ट्रेनों के ठहराव की मांग

बिहिया स्टेशन पर पटना-कोटा एक्सप्रेस, गुवाहाटी-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, हावड़ा-अमृतसर मेल, संघमित्रा एक्सप्रेस, सीमांचल एक्सप्रेस और पटना-नई दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस सहित प्रमुख ट्रेनों का ठहराव देने की मांग की गई. वहीं बनाही स्टेशन पर विभूति एक्सप्रेस, काशी-पटना जनशताब्दी, बक्सर-टाटानगर एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, पटना-बक्सर फास्ट पैसेंजर और आरा-वाराणसी पैसेंजर के ठहराव की मांग की गई. बनाही स्टेशन के सौंदर्यीकरण की मांग भी सांसद ने रखी.

ROB और RUB निर्माण से जुड़ी मांगें भी उठाईं

सांसद ने आरा-चांदी पथ पर जमीरा हॉल्ट के पास ओवरब्रिज बनाने की मांग की. उन्होंने कहा कि आरा से चांदी जाने के प्रमुख रास्ते में रेलवे अंडरपास पड़ता है, जहां बारिश के दौरान पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो जाता है. कुल्हड़िया स्टेशन के पास ओवरब्रिज से स्टेशन तक पहुंचने के लिए सीढ़ी बनाने, प्लेटफॉर्म संख्या-3 के बाद टिकट काउंटर खोलने और कारीसाथ रेलवे स्टेशन के पश्चिमी अंडरपास पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग की गई. आरा-सासाराम मुख्य मार्ग पर बनगांव में रेलवे गुमटी के पास भी ROB बनाने की मांग रखी गई.

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नई रेल परियोजनाओं को प्राथमिकता देने की मांग

सुदामा प्रसाद ने आरा-भभुआ रोड-मुंडेश्वरी धाम रेल परियोजना समेत शाहाबाद की अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने की मांग की. इसके अलावा डेहरी-डुमरांव-बलिया रेल परियोजना, औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन, डेहरी ऑन सोन-बंजारी-तिहरा-पिपराडीह रेल लाइन को चोपन तक विस्तार, डेहरी ऑन सोन-नासरीगंज-विक्रमगंज-डुमरांव-बलिया रेल लाइन और डालमियानगर रेल कारखाने से जुड़े लंबित कार्यों को जल्द आगे बढ़ाने की मांग की गई. डेहरी स्टेशन पर कोरोना काल से पहले जिन ट्रेनों का ठहराव था, उन्हें फिर से बहाल करने और अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की मांग भी की गई.

किसानों और व्यापारियों के लिए गुड्स शेड बनाने की मांग

सांसद ने आरा-सासाराम रेलखंड को भविष्य की यात्री और माल ढुलाई जरूरतों के हिसाब से विकसित करने पर जोर दिया. पीरो, हसन बाजार, गड़हनी और आसपास के कृषि क्षेत्रों में उत्पादित धान, चावल, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों को देश के विभिन्न बाजारों तक रेल के माध्यम से पहुंचाने के लिए गुड्स शेड और माल लदान केंद्र विकसित करने की मांग की गई. सांसद का कहना है कि इससे किसानों और व्यापारियों के साथ छोटे उद्योगों को भी लाभ मिलेगा और क्षेत्र की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

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रेलवे कर्मचारियों के लिए रेस्ट सुविधा की मांग

आरा जंक्शन सेक्शन के इंजीनियरिंग विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस गैंगहाट और रेस्ट सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई. सांसद ने कहा कि कर्मचारी गर्मी, बारिश और दिन-रात रेलवे के निर्माण व रखरखाव में काम करते हैं, लेकिन सामान रखने, ड्रेस बदलने और काम के बीच आराम करने के लिए उनके पास निश्चित स्थान नहीं है. आरा जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-4 पर नए बुकिंग कार्यालय में शौचालय बनाने की मांग भी की गई, ताकि ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों को इसके लिए कार्यालय से बाहर नहीं जाना पड़े. इसके साथ ही टिकट चेकिंग स्टाफ और TTE के लिए रनिंग रूम व रेस्ट रूम की व्यवस्था करने की मांग रखी गई.

शाहाबाद के लिए समग्र रेल विकास का मास्टर प्लान बनाने की मांग

सांसद सुदामा प्रसाद ने कहा कि रेलवे सिर्फ यातायात का माध्यम नहीं, बल्कि किसी क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास की रीढ़ है. इसलिए आरा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास और औरंगाबाद को जोड़ने वाली रेल व्यवस्था का समग्र विकास जरूरी है. उन्होंने रेल मंत्रालय से सभी प्रस्तावों पर समयबद्ध कार्रवाई, आरा-सासाराम रेलखंड के दोहरीकरण, नई रेल परियोजनाओं, ट्रेन ठहराव व विस्तार, नई यात्री ट्रेनों और स्टेशनों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा की मांग की. साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित करने और कसाप-गड़हनी-पीरो-हसन बाजार क्षेत्र को समेकित रेलवे विकास कॉरिडोर के रूप में विकसित करने के लिए दीर्घकालीन मास्टर प्लान तैयार करने की मांग की गई. यह जानकारी सांसद के निजी सचिव चंदन कुमार ने दी.

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By Prabhat khabar news desk

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