पैसे के लेनदेन में प्रोपर्टी डीलर की अपहरण कर हत्या, तीन आरोपित किये गये गिरफ्तार

जगदीशपुर थाना के जुबराजी टोला गांव से 17 फरवरी से लापता था चंदन

आरा.

जगदीशपुर थाना क्षेत्र के जुबराजी टोला गांव में प्रोपर्टी डीलर की अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गयी है. आरोपितों ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को यूपी के गंगा नदी में फेंक दिया. घटना को लेकर गांव एवं आसपास के इलाके में सनसनी मच गयी. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने मृतक का टूटा हुआ मोबाइल और सिम भी बरामद कर लिया. जानकारी के अनुसार मृतक जगदीशपुर थाना क्षेत्र के जुबराजी टोला गांव निवासी शिव प्रसाद सिंह का 28 वर्षीय पुत्र चंदन कुमार है. वह पेशे से प्रोपर्टी डीलर था. इसकी जानकारी जगदीशपुर एसडीपीओ राजीव चंद्र सिंह ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर दी. उन्होंने बताया कि मृतक के पिता शिव प्रसाद सिंह द्वारा 22 फरवरी को जगदीशपुर थाने में आवेदन दिया गया था. उनके द्वारा बताया गया था कि उनके बेटे चंदन कुमार मोबाइल 18 फरवरी से बंद बता रहा है. आवेदन मिलने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी.

चरवानी से गिरफ्तार किया गया मुख्य अभियुक्त शंभू :

छानबीन के दौरान वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर घटना के मुख्य अभियुक्त शंभू कुमार को ट्रैक किया गया और उसे जगदीशपुर थाना क्षेत्र के चरवानी गांव से गिरफ्तार किया गया. पूछताछ के दौरान शंभू कुमार ने बताया कि चंदन कुमार की हत्या पैसे के लेनदेन के विवाद में की गयी है. मृतक और शंभू कुमार दोनों साथ में प्रोपर्टी डीलर के काम करते थे, जिसको लेकर शंभू कुमार का पैसा चंदन कुमार के पास बकाया था. मांगने पर वह नहीं दे रहा था. इसी कारण उसकी हत्या कर दी गयी.

हत्या के बाद चंदन के मोबाइल से आरोपितों ने तीन लाख रुपये किये ट्रांसफर :

उसकी हत्या करने के बाद उसके मोबाइल के पासवर्ड को खोलकर अलग-अलग तारीखों में उसके अकाउंट से तीन लाख रुपये का उनके लोगों द्वारा निकासी भी की गयी है. पूछताछ के दौरान शंभू कुमार ने बताया कि 18 फरवरी की शाम लापता चंदन कुमार को उत्तरप्रदेश के गाजीपुर जिले के जमानिया थाना के क्षेत्र के इलाके में ले गये. इसके बाद उसकी गला घोंट कर हत्या कर दी.

18 फरवरी से चंदन का मोबाइल बता रहा था बंद :

बता दें कि चंदन कुमार के पिता शिवप्रसाद सिंह द्वारा जगदीशपुर थाने में 22 फरवरी को उसके लापता हो जाने का आवेदन दिया गया था. दिये गये आवेदन में उसके पिता शिवप्रसाद द्वारा कहा गया था कि 17 फरवरी की शाम चार बजे वह बाइक से घर से निकला और बिहिया रेलवे स्टेशन पर बाइक पार्किंग कर ट्रेन द्वारा चारवानी गांव निवासी शंभू कुमार के पटना स्थित आवास पर गया था. रात भर उसके घर पर ही रहा और 18 फरवरी की सुबह से उसका मोबाइल बंद बता रहा है. उसके दोस्त शंभू कुमार से बात करने पर उसके द्वारा बताया गया कि वह 18 फरवरी को सुबह में ही यहां से चला गया, लेकिन वह घर नहीं लौटा है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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