नियमों की अनदेखी : कैशलेस व्यवस्था के बावजूद कुल्हड़िया टोल प्लाजा पर नकद लेकर छोड़ रहे ट्रक

Arrah News : 10 अप्रैल से कैशलेस टोल भुगतान व्यवस्था लागू होने के बावजूद कुल्हड़िया टोल प्लाजा पर बालू लदे ट्रकों से नकद वसूली कर उन्हें आगे जाने दिया जा रहा है.

Arrah News : (दीपक गुप्ता की रिपोर्ट)

पटना–बक्सर फोरलेन एनएच-922 स्थित कुल्हड़िया टोल प्लाजा पर निर्धारित नियमों के बावजूद वाहनों से नकद भुगतान लेकर उन्हें छोड़े जाने का मामला सामने आया है. इससे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के राजस्व को नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है.

10 अप्रैल से कैशलेस टोल भुगतान व्यवस्था लागू

जानकारी के अनुसार, देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर 10 अप्रैल से कैशलेस टोल भुगतान व्यवस्था लागू होने के बावजूद कुल्हड़िया टोल प्लाजा पर बालू लदे ट्रकों से नकद वसूली कर उन्हें आगे जाने दिया जा रहा है.

नकद वसूली का वीडियो वायरल, कर्मियों की हरकतें कैद

मंगलवार दोपहर टोल प्लाजा के पटना जाने वाले लेन (गेट संख्या 03 और 04) पर टोलकर्मियों द्वारा ट्रकों से नकद राशि लेते हुए वीडियो और फोटो कैमरे में कैद होने का दावा किया गया है. वीडियो में टोलकर्मियों को ट्रकों से पैसे लेते और उन्हें आगे बढ़ने का इशारा करते देखा जा सकता है.

फोटो खींचने पर विवाद, फोन छीनने का प्रयास

बताया जाता है कि जब इस गतिविधि की तस्वीरें ली जा रही थीं, तो कुछ टोलकर्मी मौके पर पहुंचकर विरोध करने लगे और फोन छीनने का प्रयास भी किया। हालांकि, बाद में यह जानकारी मिलने पर कि फोटो लेने वाला पत्रकार है, वे वहां से हट गए.

टोल मैनेजर ने कार्रवाई का आश्वासन दिया

इस संबंध में टोल प्लाजा के मैनेजर सुधीर सांगवान ने पहले किसी भी प्रकार की नकद वसूली से इनकार किया. हालांकि, वीडियो और फोटो का जिक्र किए जाने पर उन्होंने मामले में संलिप्त कर्मियों पर कार्रवाई करने की बात कही.

वहीं, टोल प्लाजा पर कार्यरत कुछ कर्मियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बालू लदे ट्रकों से किनारे वाले लेन पर नकद वसूली कर उन्हें छोड़ा जाता है. उनका यह भी कहना है कि यह काम विशेष रूप से रात के समय बड़े पैमाने पर किया जाता है और इसमें कुछ कर्मी एवं अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं.

कैशलेस व्यवस्था का उद्देश्य, समय की बचत व जाम से राहत

गौरतलब है कि देशभर में टोल प्लाजा पर कैशलेस भुगतान व्यवस्था लागू करने का उद्देश्य समय की बचत, ट्रैफिक जाम में कमी, ईंधन की बचत, प्रदूषण नियंत्रण, पारदर्शिता और डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देना है. एनएचएआई के अनुसार, फास्टैग अनिवार्य होने के बाद टोल प्लाजा पर औसत प्रतीक्षा समय 8 मिनट से घटकर लगभग 47 सेकंड रह गया है.

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Published by: Rajeev Kumar

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