Patna Sasaram Greenfield Expressway : पटना–सासाराम ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत बुधवार को कोईलवर अंचल के कोसीहान मौजा में एलाइनमेंट मैपिंग का कार्य शुरू हुआ.
मैपिंग शुरू होते ही प्रभावित किसानों ने मुआवजा निर्धारण को लेकर विरोध जताया. किसानों का कहना था कि उनकी जमीन पर वर्षों से मकान बने हैं, लेकिन मुआवजा 60 वर्ष पुराने खतियान में दर्ज भूमि की प्रकृति "भीठ" के आधार पर तय किया जा रहा है.
ग्रामीण पिंटू चौधरी ने कहा कि जिस जमीन पर आवास बने हैं, उसका मुआवजा आवासीय दर से मिलना चाहिए.
Arrah News : अधिकारियों की पहल पर शांत हुए किसान
किसानों के विरोध के बाद अंचलाधिकारी उदय प्रताप सिंह और चांदी थानाध्यक्ष राकेश कुमार रौशन ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की. अधिकारियों ने नियमानुसार कार्रवाई और किसानों के हितों की रक्षा का भरोसा दिया.
इसके बाद किसानों की सहमति से पुलिस की मौजूदगी में एलाइनमेंट मैपिंग का कार्य शुरू कराया गया. इस दौरान मशीनों की मदद से एलाइनमेंट क्षेत्र में मौजूद अवरोध हटाकर भूमि को समतल भी किया गया.
3750 करोड़ की लागत से 30 माह में बनेगा एक्सप्रेसवे
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य कर रही कंपनी गल्फार के प्रोजेक्ट मैनेजर संतोष कुमार ने बताया कि करीब 3750 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह एक्सप्रेसवे पटना जिले के सदीसोपुर से सासाराम के सुअरा तक जाएगा.
परियोजना को 30 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके निर्माण से पटना से सासाराम की दूरी करीब दो घंटे में पूरी हो सकेगी. उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे कोईलवर अंचल के खनगांव, कोशिहान, मानपुर, गुंडी और जलपुरा मौजा से होकर गुजरेगा. परियोजना के तहत खनगांव में सोन नदी पर छह लेन के आधुनिक पुल का भी निर्माण होगा.
भू-अर्जन विभाग को भेजा गया है प्रस्ताव: सीओ
अंचलाधिकारी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि जिन किसानों की जमीन पर मकान बने हैं, उनके लिए आवासीय दर से मुआवजा देने का अनुरोध पहले ही भू-अर्जन विभाग को भेजा जा चुका है.
विभागीय स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और प्रभावित किसानों को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा.
