आरा के कोईलवर में ट्रैफिक प्लान के दो दिन बाद ट्रक ने युवक को रौंदा, मौत के बाद तीन घंटे सड़क जाम

कोईलवर में लागू की गई नई ट्रैफिक व्यवस्था लागू होने के महज दो दिन बाद ही एक भीषण हादसा हो गया। एक ट्रक ने सड़क पार कर रहे युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आक्रोशित होकर घंटों तक सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।

Koilwar Traffic Plan: कोईलवर में जाम और ओवरटेकिंग पर अंकुश लगाने के लिए दो दिन पहले लागू की गयी ट्रैफिक व्यवस्था शुक्रवार की शाम हुए हादसे के बाद सवालों के घेरे में आ गयी. मानसिक अस्पताल रोड स्थित आरपीपीएस मोड़ के पास शुक्रवार शाम करीब सात बजे सड़क पार कर रहे स्थानीय युवक को ओवरटेक कर रहे ट्रक ने कुचल दिया. हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गयी.

मृतक की पहचान कोईलवर नगर पंचायत के वार्ड नंबर 4 निवासी स्व. अवधेश राय के 42 वर्षीय पुत्र श्याम जी राय के रूप में हुई है. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोईलवर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया.

मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कोईलवर चौक किया जाम

हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गये. लोगों ने शव के साथ कोईलवर चौक को जाम कर दिया. इस दौरान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गयी और आगजनी भी की गयी. करीब तीन घंटे से अधिक समय तक लोग सड़क पर बैठे रहे.

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण झलकुनगर से कोईलवर तक बालू लदे ट्रकों के परिचालन पर नो एंट्री, ओवरटेकिंग और बेतरतीब तरीके से वाहनों के परिचालन को लेकर अधिकारियों से जवाब मांग रहे थे.

जाम की सूचना पर एसडीपीओ सदर-2 रणजीत कुमार सिंह और कोईलवर थानाध्यक्ष सुशांत कुमार मंडल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया. रात करीब साढ़े दस बजे एसडीपीओ के समझाने के बाद जाम हटाया गया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका.

तीन घंटे की बैठक के बाद भी ग्रामीणों की मुख्य मांग पर सहमति नहीं

घटना के बाद यातायात व्यवस्था और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने को लेकर शनिवार को कोईलवर थाने में अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बैठक हुई. बैठक में एसडीपीओ सदर-2 रणजीत कुमार सिंह, अंचलाधिकारी उदय प्रताप सिंह, थानाध्यक्ष सुशांत कुमार मंडल और कार्यपालक पदाधिकारी शहाब याहिया मौजूद रहे.

ग्रामीणों की ओर से पूर्व मुख्य पार्षद वीरमन्यु यादव, पार्षद अरविंद सिंह, राजेंद्र राय, पार्षद प्रतिनिधि राशिद मल्लिक, व्यवसायी शहाब खान, नाथुन राय, नीरज सिंह, गामा यादव, प्रेम कुमार और राकेश शर्मा समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.

करीब तीन घंटे तक चली बैठक में ग्रामीणों ने झलकुनगर-कोईलवर मार्ग पर सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक बालू लदे ट्रकों के लिए नो एंट्री लगाने और छपरा की ओर से आने वाले ट्रकों को हाईवे के रास्ते भेजने की मांग रखी. अधिकारियों ने इन मांगों पर तत्काल सहमति नहीं दी.

प्रशासन ने स्पीड लिमिट और नो एंट्री का प्रस्ताव रखा

सीओ उदय प्रताप सिंह ने बताया कि झलकुनगर से कोईलवर तक एक लेन में यातायात रूट तय करने के साथ स्पीड लिमिट, साइनेज बोर्ड, रोड ब्रेकर समेत अन्य सुरक्षा उपाय किये जाने की बात कही गयी है.

बैठक में सुबह सात बजे से 10 बजे तक और शाम चार बजे से रात आठ बजे तक उक्त मार्ग पर नो एंट्री का प्रस्ताव रखा गया. प्रशासन ने संशोधन के बाद इसे आने वाले दिनों में लागू करने पर सहमति जतायी है.

वहीं, एसडीपीओ सदर-2 ने बताया कि पटना-बक्सर हाईवे पर कपिलदेव मोड़ के पास ओवरहेड बैरियर लगाने के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया है. हालांकि ग्रामीण झलकुनगर-कोईलवर मार्ग पर बालू लदे वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग कर रहे हैं.

दो दिन पहले ही लागू हुआ था नया ट्रैफिक प्लान

गौरतलब है कि कोईलवर इलाके में जाम की समस्या से निपटने के लिए दो दिन पहले ही नई ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गयी थी. इसके तहत मनभावन मोड़ पर स्थायी पिकेट बनाया गया था, जहां पांच पुलिस पदाधिकारियों और 20 जवानों की तैनाती की गयी थी.

17 सितंबर को यातायात डीएसपी मनोज कुमार सुधांशु और एसडीपीओ सदर-2 रणजीत कुमार सिंह ने मनभावन मोड़ स्थित स्थायी पिकेट का निरीक्षण कर पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये थे. इससे पहले कोईलवर थाने में भी जवानों और अधिकारियों की ब्रीफिंग की गयी थी.

तीन शिफ्ट में तैनात किये गये थे पुलिसकर्मी

नई व्यवस्था के तहत मनभावन मोड़ को यातायात नियंत्रण का मुख्य कमांड सेंटर बनाया गया था. मनभावन मोड़, सकड्डी मोड़ और आसपास के प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी थी. पांच पुलिस पदाधिकारी और 20 जवान तीन शिफ्ट में ड्यूटी करने वाले थे, ताकि दिन-रात यातायात नियंत्रण की व्यवस्था बनी रहे.

झलकुनगर में भी दो पुलिस अवर निरीक्षक और पांच जवानों की तैनाती की योजना थी. पूरी व्यवस्था कोईलवर थानाध्यक्ष के नियंत्रण में और एसडीपीओ-2 तथा ट्रैफिक डीएसपी के पर्यवेक्षण में संचालित होनी थी.

हालांकि, ट्रैफिक प्लान लागू होने के महज दो दिन बाद ही झलकुनगर-कोईलवर सर्विस रोड पर ओवरटेकिंग के दौरान हुए हादसे में एक युवक की मौत हो गयी. इसके बाद ग्रामीणों ने नई यातायात व्यवस्था की प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठाये हैं.

थाने में आयोजित बैठक में शामिल लोग | Prabhat Khabar Network
कोईलवर थाना में आयोजित बैठक में शामिल प्रशासन और ग्रामीणों की टीम | Prabhat Khabar Network

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लेखक के बारे में

By दीपक कुमार गुप्ता

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