Khesari Lal Yadav on Bharat Tiwari Encounter : भोजपुर के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला में अब भोजपुरी स्टार खेसारी लाला की भी एंट्री हो गई है. सोमवार की दोपहर को खेसारी लाल उनके घर पहुंचे. यहां परिवार से मिला कर घटना पर दुख जताया है.
खेसारी लाला ने भरत तिवारी की मां आशा देवी समेत परिवार के अन्य सदस्यों को ढांढस बंधाया और न्याय की इस लड़ाई में साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया. खेसारी लाल यादव ने परिजनों से बातचीत के दौरान कहा कि न्याय की मांग पूरी मजबूती से उठनी चाहिए, लेकिन आंदोलन का उद्देश्य केवल सच को सामने लाना होना चाहिए. बल्कि आंदोलन जरूर जारी रखिए. साथ ही उन्होंने कहा की इसे सिर्फ भीड़ जुटाने का केंद्र न बनाएं. न्याय सिर्फ होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए, और इसके लिए संयम बेहद जरूरी है.”
सरकार और सिस्टम पर साधा निशाना
खेसारी लाल यादव ने इस दौरान सरकार और व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए. खेसारी लाल ने कहा की बिहार में अपराध कम नहीं किया जाता, बल्कि उसे खत्म करने के नाम पर लोगों को मार दिया जाता है. हथियार छुड़वाने की कोशिश नहीं होती, बल्कि सीधे कार्रवाई कर दी जाती है. “अगर समाज से अपराध खत्म करना है, तो युवाओं को शिक्षा और सही दिशा देनी होगी. अगर बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं मिलेगी, तो वे गलत रास्ते पर जा सकते हैं,” हमारा बच्चा भी अपराधी बन सकता है, अगर उसे सही शिक्षा नहीं मिलेगी. उन्होंने आगे कहा कि अगर समाज के लिए कोई युवा हथियार उठा रहा है, तो कहीं न कहीं यह सरकार की नीतियों की विफलता को भी दर्शाता है. इस पर सरकार को गंभीरता से सोचने की जरूरत है.
भरत तिवारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने परिवार से बढ़कर ‘जवाइनिया गांव’ को अपना परिवार मान लिया था और वहां के लोगों के लिए संघर्ष कर रहे थे.
आर्थिक मदद भी दी
इस दौरान खेसारी लाल यादव ने पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की, जिससे मौके पर मौजूद लोग भावुक हो गए.
“मां का दर्द कोई नहीं समझ सकता”
भावुक होते हुए खेसारी ने कहा, “एक मां को उसका बेटा कोई वापस नहीं लौटा सकता.” उन्होंने कहा कि भरत भूषण तिवारी जिन जवइनिया के विस्थापितों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे, यदि जनप्रतिनिधि उनकी मांगों को पूरा कर दें तो वही उनके प्रति सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी.
गांव में उमड़ी भीड़, बढ़ी चर्चा
खेसारी लाल यादव के गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समर्थक वहां जुट गए. उन्होंने स्वजन की बातें गंभीरता से सुनीं और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में सत्य सामने आना चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए.
गौरतलब है कि 17 जून को बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद से यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. जहां एक ओर परिजन इसे फर्जी एनकाउंटर बता रहे हैं, वहीं पुलिस दावा कर रही कि है कि कार्रवाई के दौरान भरत ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में कार्रवाई की गई.
पावर स्टार पवन सिंह ने भी किया था समर्थन
खेसारी लाल यादव से पहले भोजपुरी पावर स्टार पवन सिंह ने भी भरत भूषण तिवारी के समर्थन में आवाज उठाई थी. अपने ट्विटर पोस्ट में पवन सिंह ने लिखा कि भरत तिवारी समाज के लिए संघर्ष करने वाले एक जागरूक और संवेदनशील व्यक्ति थे. उन्होंने कहा कि भरत तिवारी हमेशा गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों की आवाज उठाते रहे. बाढ़ और कोरोना जैसी कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने लोगों की मदद की. पवन सिंह ने यह भी कहा कि जनहित से जुड़े कई कार्यों में भरत तिवारी प्रशासन और समाज के लोगों के साथ मिलकर सक्रिय भूमिका निभाते थे.
अब इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन और जनसमर्थन देखने को मिल रहा है. अभिनेता के इस दौरे के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि लोकप्रिय भोजपुरी कलाकार के पीड़ित परिवार से मिलने से न्याय की मांग को और मजबूती मिलेगी.
फिलहाल, इस मामले में लगातार बढ़ते जनसमर्थन और अब भोजपुरी कलाकारों की एंट्री के बाद यह मुद्दा और भी ज्यादा राजनीतिक और सामाजिक रूप से गर्मा गया है.
