Farrakka Water Treaty: बिहार के जल-अधिकार, सिंचाई, पेयजल, पर्यावरण और भविष्य की जल आवश्यकताओं को लेकर जदयू की ओर से ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में शनिवार को आरा परिसदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गयी. इस दौरान जदयू नेताओं ने फरक्का बराज और गंगा जल बंटवारे से जुड़े फैसलों में बिहार के हितों को प्राथमिकता देने की बात कही.
दिसंबर 2026 में समाप्त हो रही है गंगा जल बंटवारा संधि
जदयू के प्रदेश प्रवक्ता नवल किशोर शर्मा ने कहा कि वर्ष 1996 में हुई गंगा जल बंटवारा संधि की अवधि दिसंबर 2026 में समाप्त हो रही है. उन्होंने कहा कि नयी व्यवस्था तैयार करते समय बिहार की वर्तमान जरूरतों के साथ वर्ष 2050 तक की जल आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखना जरूरी है.
किसानों और पेयजल से जुड़ा है मुद्दा
नवल किशोर शर्मा ने कहा कि यह मुद्दा बिहार के किसानों, सिंचाई, पेयजल, उद्योग, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा है. जदयू इस अभियान के माध्यम से बिहार की आवाज को जनसंवाद के जरिये राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचायेगा.
गंगा किनारे बसे 12 जिलों में होंगे कार्यक्रम
अभियान के तहत गंगा किनारे बसे 12 जिलों में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं. भोजपुर में छह सितंबर को पूर्वाह्न 11:30 बजे हाई स्कूल, सरैया में ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ कार्यक्रम आयोजित होगा. इसमें जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा समेत पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये नेता रहे मौजूद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व विधायक प्रभुनाथ राम, प्रदेश सचिव कन्हैया प्रसाद, अंजनी सिंह, कार्यकारी जिला अध्यक्ष भीम सिंह पटेल, मीडिया सेल जिला अध्यक्ष प्रियांशु कुशवाहा सहित प्रिंस बजरंगी, कुंदन शर्मा, उमेश कुशवाहा, देव शर्मा, विकास सिंह, राहुल गुप्ता, गुड्डू बबुआन और मो. सोहेल समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
