विवि में डॉ वशिष्ठ नारायण विज्ञान भवन व अतिथि गृह के नवीनीकरण का उद्घाटन

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में पदमश्री डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह विज्ञान भवन एवम अतिथि गृह के नवीनीकरण का उद्घाटन सम्राट अशोक जयंती के अवसर पर कुलपति प्रो शैलेंद्र कुमार चतुर्वेदी के हाथों सम्पन्न हुआ.

आरा. वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में पदमश्री डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह विज्ञान भवन एवम अतिथि गृह के नवीनीकरण का उद्घाटन सम्राट अशोक जयंती के अवसर पर कुलपति प्रो शैलेंद्र कुमार चतुर्वेदी के हाथों सम्पन्न हुआ. यह शुभ कार्य चैत्र मास विक्रम संवत 2082 को संपन्न हुआ. उद्घाटन के दौरान कुलसचिव प्रो रणविजय कुमार ने विवि की उपलब्धियों की जानकारी दी. वहीं कुलपति ने कहा कि पदमश्री डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह और चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान थे. उन्होंने कहा कि डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह आधुनिक युग के महान गणितज्ञ थे. लेकिन वैसे महान गणितज्ञ को जो स्थान मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला. वैसे महान लोगों को जाति में बांधकर नहीं रखा जा सकता. उन्होंने कहा कि सम्राट अशोक जयंती के अवसर पर विज्ञान भवन का नाम पदमश्री डॉ वशिष्ठ नारायण सिंह के नाम से जाना जायेगा. हालांकि उद्घाटन के क्रम में विज्ञान के एक भी प्रोफरसर नहीं है. उन्होंने सम्राट अशोक के बारे में बताया कि भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों में सम्राट अशोक की छाप गहरी और स्थायी है. इस महान शासक, जिन्होंने लगभग 268 ईसा पूर्व से 232 ईसा पूर्व तक शासन किया. इन्होंने न केवल प्राचीन भारत को एकजुट किया, बल्कि अपने शासनकाल में अपनाये गये मूल्यों को भी एक ऐसी विरासत के रूप में छोड़ा, जो आज भी देश के प्रतीकों में प्रतिबिंबित होती है. चक्रवर्ती सम्राट अशोक राज्य का साम्राज्य उत्तर में हिन्दुकुश, तक्षशिला की पहाडी श्रेणियों से लेकर दक्षिण में गोदावरी नदी, सुवर्णगिरी पहाड़ी के दक्षिण तथा मैसूर तक तथा पूर्व में बांग्लादेश, पाटलीपुत्र से पश्चिम में अफ़गानिस्तान, ईरान, बलूचिस्तान तक पहुंच गया था. सम्राट अशोक का साम्राज्य आज का सम्पूर्ण भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, म्यामार के अधिकांश भूभाग पर था. यह विशाल साम्राज्य उस समय तक से आज तक का सबसे बड़ा भारतीय साम्राज्य रहा है. चक्रवर्ती सम्राट अशोक विश्व के सभी महान एवं शक्तिशाली सम्राटों एवं राजाओं की पंक्तियों में हमेशा शीर्ष स्थान पर ही रहे हैं. कुलपति प्रो चतर्वेदी ने कहा कि सम्राट अशोक ही भारत के सबसे शक्तिशाली एवं महान सम्राट हैं. सम्राट अशोक को चक्रवर्ती सम्राट अशोक कहा जाता है. जिसका अर्थ है – सम्राटों के सम्राट और यह स्थान भारत में केवल सम्राट अशोक को मिला है. उद्घाटन के दौरान सीनेट सदस्य प्रो बलराज ठाकुर, सिंनेट संतोष तिवारी, कुलसचिव प्रो रणविजय कुमार, प्रोफरसर के के सिंह, कर्मचारियों में अभिजीत कुमार, अभिमन्यु सिंह समेत दर्जनों लोग मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Amlesh prasad

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
Tags
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >