krishna janmotsav: बक्शी कुलदीप नारायण सिन्हा मेमोरियल कल्चरल सोसाइटी के तत्वावधान में आयोजित 113वां कृष्ण जन्मोत्सव संगीत समारोह संपन्न हो गया. छह दिवसीय समारोह के समापन सत्र का उद्घाटन अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गायक पंडित रामप्रकाश मिश्र ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. समापन समारोह में संगीत और कथक की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
पंडित रामप्रकाश मिश्र ने राग मेघ मल्हार से बांधा समां
समापन समारोह में पंडित रामप्रकाश मिश्र ने राग मेघ मल्हार में बड़ा ख्याल, एकताल में निबद्ध छोटा ख्याल, तीनताल में निबद्ध बंदिश और ठुमरी की प्रस्तुति दी. उन्होंने बड़ा ख्याल ‘श्याम घन आयो मोरा मन अतही डरायो’, छोटा ख्याल ‘कजरा कारे कारे लागे अति प्यारे’, बंदिश ‘घनन घनन घन बरसे बदरा घनघोर’ और ठुमरी ‘बसुरियां अब न बजाओ श्याम’ प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
पंडित पप्पू महाराज ने पेश किया बनारस घराने का तबला वादन
अंतर्राष्ट्रीय तबला वादक पंडित पप्पू महाराज ने स्वतंत्र तबला वादन की प्रस्तुति दी. उन्होंने बनारस घराने का उठान, चलन, बांट, गत एवं फर्द प्रस्तुत कर कार्यक्रम में अद्भुत समां बांधा. उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा.
गुरु बक्शी विकास ने दिखायी कथक की भाव-अभिनय शैली
विश्व कीर्तिमान से अलंकृत गुरु बक्शी विकास ने कथक नृत्य में ताल एवं लयकारी पक्ष को प्रस्तुत किया. इसके साथ ही उन्होंने भाव-अभिनय की मनमोहक प्रस्तुति दी.
कथक नृत्यांगना सोनम कुमारी ने धमार ताल में कथक नृत्य प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी.
संगीत और साहित्य जगत के लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम का मंच संचालन आदित्या श्रीवास्तव ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अमित कुमार ने किया. इस अवसर पर डॉ. लाल बाबू निराला, विदुषी बिमला देवी, जनमजय ओझा समेत संगीत और साहित्य जगत के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे.
