Arrah News : वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में शुक्रवार को आयोजित छात्र-शिक्षक संवाद कार्यक्रम के दौरान बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल अता हसनैन का आगमन अत्यंत विशेष रहा. विश्वविद्यालय में कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9:40 बजे विश्वविद्यालय गीत के साथ हुई. इसके बाद ठीक 10:25 बजे कुलाधिपति सह राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश किया.
इसके तुरंत बाद 10:28 बजे उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और 10:35 बजे कुलाधिपति सह राज्यपाल मंच पर पहुंचे. मंच पर आगमन के पश्चात 10:37 बजे राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान का गायन शुरू हुआ, जो 10:47 बजे समाप्त हुआ. इसके बाद 10:48 बजे कुलाधिपति सह राज्यपाल ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया और 10:49 बजे पुनः विश्वविद्यालय गीत का गायन हुआ. इसके पश्चात 10:55 बजे मोमेंटो देकर स्वागत करने का दौर चला और 10:59 बजे कुलपति ने अपना स्वागत भाषण दिया.
छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के साथ हुआ विशेष संवाद, दी विदाई
स्वागत भाषण के बाद ठीक 11:03 बजे कुलाधिपति सह राज्यपाल ने अपना मुख्य भाषण शुरू किया, जिसे उन्होंने 11:17 बजे समाप्त किया. इसके तुरंत बाद 11:18 बजे छात्र-छात्राओं के साथ उनका बहुप्रतीक्षित संवाद कार्यक्रम शुरू हुआ, जो दोपहर 12:00 बजे तक चला. संवाद का यह पहला सत्र समाप्त होने के बाद 12:10 बजे से शिक्षकों के साथ उनका विशेष संवाद शुरू हुआ, जो 12:40 बजे संपन्न हुआ. इसके बाद 12:48 बजे पूरे मुख्य कार्यक्रम का विधिवत समापन किया गया और अंत में 12:55 बजे राज्यपाल को फिर से सम्मानपूर्वक गार्ड ऑफ ऑनर देकर विदा किया गया.
ज्ञान से ही सब कुछ संभव, शिक्षा में सुधार केवल सरकार व प्रशासन का काम नहीं
इस कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कुलाधिपति ने कहा कि ज्ञान से ही जीवन में सब कुछ संभव है. उन्होंने वर्तमान परिदृश्य की चर्चा करते हुए कहा कि पहले वाली स्थिति अब नहीं रह गई है. अगर आज के समय में सही तकनीकी ज्ञान अर्जित कर लिया जाए तो दुनिया में कुछ भी प्राप्त किया जा सकता है.
इसके लिए उन्होंने तकनीकी विकास का उदाहरण देते हुए पहले रेडियो, फिर टीवी और फिर मोबाइल सहित अन्य आधुनिक उपकरणों के सामने आने की बात कही. उन्होंने कहा कि आज किसी भी माध्यम से किसी भी तथ्य की आसानी से खोज की जा सकती है, लेकिन इसके लिए केवल यह सीखना आवश्यक है कि तकनीकी माध्यमों में से काम के सही तथ्य को कैसे बाहर निकाल सकते हैं.
इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना केवल सरकार एवं प्रशासन का अकेले का काम नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के सभी लोगों को मिलजुल कर साझा प्रयास करना होगा और समझदार व अच्छे लोगों की एक मजबूत टीम बनानी होगी.
उन्होंने कई उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षा एवं ज्ञान के बल पर ही लोग समाज के सबसे निचले पायदान से उठकर काफी ऊपर पहुंचे हैं, इसलिए ज्ञान प्राप्त करना ही जीवन का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए. उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि ज्ञान अर्जित करने के साथ-साथ उन्हें अपनी पर्सनैलिटी का भी विकास करना होगा.
