भोजपुर : बड़हरा के पिपरपांती में गंगा का कटाव तेज, घर छोड़कर निकले 100 से अधिक ग्रामीण; ADM ने लिया जायजा

बड़हरा के पिपरपांती गांव में गंगा नदी के तेज कटाव से 10 से अधिक घर नदी में समा गए। ग्रामीण घर छोड़ने को मजबूर, प्रशासन ने राहत कार्य शुरू किया।

Barhara Ganga Erosion : भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड अंतर्गत पिपरपांती गांव में मंगलवार को गंगा नदी के तेज कटाव से अफरातफरी मच गई. करीब 11:30 बजे कटाव अचानक तेज होने से नदी की धारा गांव की ओर बढ़ने लगी.

गंगा के तेज कटाव के बाद घर से सामान लेकर सुरक्षित स्थान की ओर जाते ग्रामीण

कटाव की चपेट में आकर कई घरों को नुकसान पहुंचा है. ग्रामीणों के अनुसार दो घर नदी में समा गए, जबकि पंचायत के मुखिया राहुल पांडेय ने करीब 10 घरों के नदी में विलीन होने का दावा किया है.

घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे सौ से अधिक ग्रामीण

कटाव के भय से सौ से अधिक ग्रामीण घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए. लोग चारपाई, अनाज, कपड़े, बर्तन और अन्य जरूरी सामान लेकर गांव से निकलते दिखे. महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को पहले सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया.

पिपरपांती गांव में गंगा के तेज कटाव की तस्वीर

प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया जायजा, विद्यालय में बना आश्रय स्थल

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एडीएम आपदा कमर आलम, एसडीओ अंशु कुमारी और सीओ अंशु प्रसुमन ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया. प्रभावित परिवारों के लिए स्थानीय विद्यालय में आश्रय स्थल बनाया गया है, जहां भोजन-पानी की व्यवस्था की जा रही है. सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ की टीम भी तैनात की गई है.

पेड़ की टहनियां और झाड़ियां डालकर कटाव रोकने का प्रयास

बाढ़ नियंत्रण विभाग के मुख्य अभियंता अभिषेक कुमार ने बताया कि कटावरोधी कार्य शुरू कर दिया गया है. फिलहाल पेड़ की टहनियां और झाड़ियां डालकर नदी की धारा की तीव्रता कम करने का प्रयास किया जा रहा है.

ग्रामीणों ने की पुनर्वास की मांग, 2016 में भी हुआ था भीषण कटाव

ग्रामीणों ने स्थायी कटावरोधी उपाय और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग की है. उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 में भी यहां भीषण कटाव में दो दर्जन से अधिक घर नदी में समा गए थे.

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By संतोष कुमार सिंह

संतोष कुमार सिंह 20 वर्षों से पत्रकारिता कर रहे हैं. प्रिंट, डिजिटल और प्रमुख मीडिया ऐप्स (न्यूज प्लेटफॉर्म्स) पर काम का अनुभव रखने वाले संतोष की राजनीति, अपराध और धर्म-संस्कृति की खबरों पर पैनी नजर रहती है.

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