सिस्टम का खेल : दिव्यांग को कागजों में मृत घोषित किया, एक साल से नहीं मिल रहा पेंशन

Arrah News : संबंधित विभागीय रिकॉर्ड में लाभार्थी को मृत घोषित कर दिए जाने के कारण पेंशन की राशि रोक दी गई. इस गलती के चलते वास्तविक लाभार्थी सरकारी सहायता से वंचित है.

Arrah News : (नरेन्द्र प्रसाद सिंह की रिपोर्ट)

भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड अंतर्गत नवादा बेन गांव में प्रशासनिक लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक जीवित दिव्यांग को रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिए जाने के कारण उसकी दिव्यांग पेंशन पिछले एक वर्ष से बंद है.

टिंकू ठाकुर की पेंशन बंद, जीवनयापन पर संकट

नवादा बेन गांव निवासी टिंकू ठाकुर, पिता महेश ठाकुर, को दिव्यांग पेंशन योजना के तहत पहले प्रतिमाह सहायता राशि मिलती थी. पहले उन्हें 400 रुपये प्रतिमाह मिलते थे, जिसे सरकार द्वारा बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया गया है. हालांकि, पिछले लगभग एक वर्ष से उनकी पेंशन बंद है, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है.

रिकॉर्ड में ‘मृत’ दर्ज होने से रुकी राशि

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित विभागीय रिकॉर्ड में लाभार्थी को मृत घोषित कर दिए जाने के कारण पेंशन की राशि रोक दी गई. इस गलती के चलते वास्तविक लाभार्थी सरकारी सहायता से वंचित है.

लाभार्थी परेशान, सुधार की मांग

पेंशन बंद होने से दिव्यांग व्यक्ति के जीवन-यापन में गंभीर कठिनाइयां उत्पन्न हो गई हैं. स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है और जल्द सुधार की मांग की जा रही है.

प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और रिकॉर्ड अपडेट प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी गलतियों के कारण जरूरतमंद लोग योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं, जबकि सुधार की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते.

बीडीओ ने कहा- जांच पर कार्रवाई होगी

बीडीओ कर्पूरी ठाकुर ने कहा कि इसकी जांच कर ली जाएगी. मामला मेरे संज्ञान में नहीं था. जब भी मेरे पास आएंगे, मैं जांच कर उनका पेंशन चालू करा दूंगा. जांच कर जो गड़बड़ी किए हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी.
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By Rajeev Kumar

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मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.

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