आरा कोर्ट ने 17 साल पुराने हत्या कांड में सुनाया फैसला, दो दोषियों को आजीवन कारावास

Court News: भोजपुर की अदालत ने सहारा थाना क्षेत्र के पिंटू राय हत्याकांड मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

आरा से मिथिलेश कुमार की रिपोर्ट
Court News: भोजपुर जिले में हत्या के एक मामले में तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संगम सिंह ने बुधवार को दो आरोपी धनंजय राय एवं देवेन्द्र राय को कठोर आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को दस हजार रुपया जुर्माना की सजा सुनाई. अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक अजय कुमार ने कोर्ट के समक्ष प्रभावी बहस की थी. उन्होंने अदालत में पीड़ित पक्ष का दावा मजबूती से पेश किया और गवाहों के बयान दर्ज कराए. दोनों पक्षों की दलीलें और सजा के बिंदु पर विस्तृत सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को हत्या का मुख्य दोषी पाते हुए यह सख्त सजा मुकर्रर की.

साल 2009 में घूमने के दौरान गायब हुआ था युवक

अपर लोक अभियोजक ने घटना के संदर्भ में बताया कि यह मामला साल 2009 का है. बीते 3 मार्च 2009 को सहार थाना अंतर्गत गुलजारपुर गांव निवासी पिंटू राय अपने घर से गांव में ही शाम को रोजाना की तरह घूमने के लिए निकला था. लेकिन जब वह देर रात तक और अगले दिन 4 अप्रैल की सुबह तक अपने घर वापस नहीं लौटा, तो परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी. इसके बाद परिवार के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा आसपास के इलाकों में पिंटू की काफी खोजबीन की गई.

सूर्य मंदिर के पास खेत से मिला था शव

खोजबीन के दौरान ही परिजनों को सूचना मिली कि गांव के पश्चिम दिशा में स्थित सूर्य मंदिर के समीप एक खेत में किसी युवक का शव लावारिस हालत में पड़ा हुआ है. परिजनों ने मौके पर जाकर देखा तो वह शव लापता पिंटू राय का ही था. अपराधियों द्वारा किसी धारदार हथियार से वार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई थी. इस हृदयविदारक घटना को लेकर स्थानीय सहार थाने में परिजनों के लिखित बयान के आधार पर एक नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने तफ्तीश शुरू की थी.

आपसी विवाद और धमकी के बाद हुई थी हत्या

थाने में दिए गए आवेदन में पीड़ित परिवार ने स्पष्ट कहा था कि घटना के कुछ समय पूर्व उनके ही गांव के उक्त दोनों आरोपी धनंजय राय और देवेंद्र राय ने घर पर आकर पिंटू को जान से मारने की सीधी धमकी दी थी. इस जघन्य घटना का मुख्य कारण दोनों पक्षों के बीच चल रहा पुराना आपसी विवाद बताया गया था. पुलिस की चार्जशीट और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर आखिरकार कोर्ट ने दोनों नामजद आरोपियों को दोषी करार देते हुए सलाखों के पीछे भेज दिया है.

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Published by: Vikash Jha

विकाश झा एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और कंटेंट प्रोफेशनल हैं, जिन्हें मीडिया, डिजिटल कंटेंट और सोशल मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में छह वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 2020 में भोपाल से हुई, जिसके बाद उन्होंने ETV Bharat, Bharat Express और News24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में विभिन्न जिम्मेदार भूमिकाओं का निर्वहन किया। News24 से आगे बढ़ते हुए उन्होंने Adglobal360 India Pvt. Ltd. के माध्यम से बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। स्पोर्ट्स, हाइपरलोकल और पॉलिटिकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं। क्रिकेट के प्रति उनका गहरा लगाव है और वे क्रिकेट को सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि अपनी लेखनी का महत्वपूर्ण विषय मानते हैं। उन्हें यात्रा करना, नए लोगों और स्थानों को जानना तथा समाज और राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले विकाश डिजिटल मीडिया की तेज रफ्तार दुनिया में तथ्यों पर आधारित, प्रभावशाली और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करने के लिए जाने जाते हैं।

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