आरा से मिथिलेश कुमार की रिपोर्ट
Court News: भोजपुर जिले में हत्या के एक मामले में तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संगम सिंह ने बुधवार को दो आरोपी धनंजय राय एवं देवेन्द्र राय को कठोर आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को दस हजार रुपया जुर्माना की सजा सुनाई. अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक अजय कुमार ने कोर्ट के समक्ष प्रभावी बहस की थी. उन्होंने अदालत में पीड़ित पक्ष का दावा मजबूती से पेश किया और गवाहों के बयान दर्ज कराए. दोनों पक्षों की दलीलें और सजा के बिंदु पर विस्तृत सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को हत्या का मुख्य दोषी पाते हुए यह सख्त सजा मुकर्रर की.
साल 2009 में घूमने के दौरान गायब हुआ था युवक
अपर लोक अभियोजक ने घटना के संदर्भ में बताया कि यह मामला साल 2009 का है. बीते 3 मार्च 2009 को सहार थाना अंतर्गत गुलजारपुर गांव निवासी पिंटू राय अपने घर से गांव में ही शाम को रोजाना की तरह घूमने के लिए निकला था. लेकिन जब वह देर रात तक और अगले दिन 4 अप्रैल की सुबह तक अपने घर वापस नहीं लौटा, तो परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी. इसके बाद परिवार के सदस्यों और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा आसपास के इलाकों में पिंटू की काफी खोजबीन की गई.
सूर्य मंदिर के पास खेत से मिला था शव
खोजबीन के दौरान ही परिजनों को सूचना मिली कि गांव के पश्चिम दिशा में स्थित सूर्य मंदिर के समीप एक खेत में किसी युवक का शव लावारिस हालत में पड़ा हुआ है. परिजनों ने मौके पर जाकर देखा तो वह शव लापता पिंटू राय का ही था. अपराधियों द्वारा किसी धारदार हथियार से वार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई थी. इस हृदयविदारक घटना को लेकर स्थानीय सहार थाने में परिजनों के लिखित बयान के आधार पर एक नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने तफ्तीश शुरू की थी.
आपसी विवाद और धमकी के बाद हुई थी हत्या
थाने में दिए गए आवेदन में पीड़ित परिवार ने स्पष्ट कहा था कि घटना के कुछ समय पूर्व उनके ही गांव के उक्त दोनों आरोपी धनंजय राय और देवेंद्र राय ने घर पर आकर पिंटू को जान से मारने की सीधी धमकी दी थी. इस जघन्य घटना का मुख्य कारण दोनों पक्षों के बीच चल रहा पुराना आपसी विवाद बताया गया था. पुलिस की चार्जशीट और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर आखिरकार कोर्ट ने दोनों नामजद आरोपियों को दोषी करार देते हुए सलाखों के पीछे भेज दिया है.
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