आरा होकर गुजरने वाली चार जोड़ी सुपरफास्ट अब बनेंगी मेल एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर सहित किराये में भी होगा बदलाव

Bihar Train News: आरा होकर गुजरने वाली चार सुपरफास्ट ट्रेनों की श्रेणी रेलवे बोर्ड ने बदल दी है. औसत गति मानक पूरा न होने के कारण इन ट्रेनों को अब मेल एक्सप्रेस के रूप में चलाया जाएगा. यह बदलाव 13 और 14 अप्रैल से नए ट्रेन नंबरों के साथ लागू होगा.

Bihar Train News: आरा होकर चलने वाली चार जोड़ी सुपरफास्ट ट्रेनों को लेकर रेलवे बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है. अब ये ट्रेनें सुपरफास्ट की जगह मेल एक्सप्रेस के रूप में चलेंगी. पूर्व रेलवे की इन ट्रेनों में विभूति एक्सप्रेस, कुंभ एक्सप्रेस, उपासना एक्सप्रेस और हिमगिरि एक्सप्रेस शामिल हैं. रेलवे के नियम के अनुसार जिस ट्रेन की औसत रफ्तार 55 किलोमीटर प्रति घंटा या उससे अधिक होती है, वही सुपरफास्ट कहलाती है. जांच में पाया गया कि इन ट्रेनों की रफ्तार तय मानक से कम है. इसी कारण इनसे सुपरफास्ट का दर्जा हटा दिया गया है.

पिछले साल ही भेजा था प्रस्ताव

इन ट्रेनों का दर्जा बदलने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को पिछले साल ही भेजा गया था. अब इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है. दर्जा बदलने के साथ इन सभी ट्रेनों के नंबर भी बदले जाएंगे. विभूति एक्सप्रेस 13 अप्रैल 2026 से मेल एक्सप्रेस बनकर नए नंबर के साथ चलेगी. कुंभ एक्सप्रेस और उपासना एक्सप्रेस 14 अप्रैल से नए नंबरों से संचालित होंगी. हावड़ा से जम्मूतवी के बीच चलने वाली हिमगिरि एक्सप्रेस भी 14 अप्रैल से नए नंबर के साथ चलेगी.

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किराए में राहत

सुपरफास्ट से मेल एक्सप्रेस बनने के बाद यात्रियों को किराए में कुछ राहत मिलेगी. यात्रियों को लगभग 35 से 45 रुपये तक कम किराया देना होगा. कई यात्रियों को इस फैसले से नाराजगी भी है. रेलवे ने फिलहाल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने को लेकर कोई योजना घोषित नहीं की है. पूर्व रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला नियमों के अनुसार लिया गया है. उन्होंने यात्रियों से सहयोग करने की अपील की है.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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