भोजपुर के पांच प्रखंडों को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग, सांसद सुदामा प्रसाद ने डीएम को सौंपा 10 सूत्री मांगपत्र

भोजपुर जिले के पांच प्रखंडों में बाढ़ और कटाव की गंभीर स्थिति को देखते हुए, सांसद सुदामा प्रसाद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मिलकर ज्ञापन सौंपा है. उन्होंने तत्काल राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने की मांग की है.

Bhojpur flood: भोजपुर जिले के बड़हरा, शाहपुर, बिहिया, आरा और कोईलवर प्रखंडों को बाढ़ग्रस्त घोषित कर राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने की मांग को लेकर भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी सदस्य सह आरा सांसद सुदामा प्रसाद के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को 10 सूत्री मांगपत्र सौंपकर बाढ़ और कटाव प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य शुरू कराने की मांग की.

प्रतिनिधिमंडल में सांसद सुदामा प्रसाद के अलावा राज्य कमेटी सदस्य सह अगियांव के पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन, राज्य स्थायी समिति सदस्य संगीता सिंह, बड़हरा प्रखंड सचिव नंदजी राम और जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम शामिल थे.

गंगा और सोन के बढ़ते जलस्तर से गंभीर स्थिति

प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद सांसद सुदामा प्रसाद ने कहा कि भोजपुर जिले में गंगा और सोन नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बड़हरा, शाहपुर, बिहिया, आरा और कोईलवर प्रखंडों के निचले एवं नदी तटीय क्षेत्रों में बाढ़ और कटाव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गयी है. हजारों लोग बाढ़ और नदी कटाव से प्रभावित हैं. इससे उनके जीवन, आवास और आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है.

पीपरपांती में सात परिवारों के घर नदी में समाये

सांसद ने कहा कि बड़हरा प्रखंड के पीपरपांती गांव में गंगा नदी के कटाव के कारण सात गरीब परिवारों के घर नदी में विलीन हो चुके हैं. कई अन्य घर भी डेंजर जोन में आ गये हैं और उन्हें खाली कराया जा रहा है.

घर छोड़ने को मजबूर कई परिवार विद्यालयों, बांधों और अन्य अस्थायी स्थानों पर शरण लिये हुए हैं. उनके सामने भोजन, आवास, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, बच्चों की पढ़ाई और पशुओं के चारा-दाना जैसी बुनियादी जरूरतों का संकट है.

बरुही में खेती की जमीन और पेड़ नदी में समाने का दावा

सांसद ने बताया कि सहार प्रखंड के बरुही क्षेत्र में सोन नदी के कटाव से कई परिवारों की खेती की जमीन और पेड़ नदी में समा गये हैं. इससे प्रभावित परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है. उन्होंने विशेष परिस्थितियों को देखते हुए बाढ़ और कटाव प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्य शुरू करने की मांग की.

10 सूत्री मांगों में स्थायी तटबंध से लेकर राहत शिविर तक शामिल

सांसद सुदामा प्रसाद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए निम्न मांगें रखीं.

  1. बड़हरा, शाहपुर, बिहिया, आरा और कोईलवर प्रखंडों को तत्काल बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया जाए.
  2. शाहपुर से कोईलवर तक गंगा और सोन नदी के तटीय क्षेत्रों को बाढ़ एवं कटाव से स्थायी सुरक्षा देने के लिए पक्के ठोकर तथा मजबूत एवं स्थायी तटबंध का निर्माण कराया जाए.
  3. प्रभावित लोगों के लिए पर्याप्त संख्या में राहत शिविर संचालित किये जाएं तथा 24 घंटे चिकित्सा दल और एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करायी जाए.
  4. बाढ़ से घिरे गांवों और टोला-मुहल्लों में आवागमन, राहत एवं बचाव के लिए पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था की जाए तथा जरूरतमंद परिवारों को तत्काल तिरपाल उपलब्ध कराया जाए.
  5. पशुओं के लिए पर्याप्त चारा-दाना और पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जाए.
  6. बाढ़ प्रभावित परिवारों के बच्चों के लिए दूध एवं पोषाहार की व्यवस्था की जाए तथा खाना बनाने के लिए जलावन अथवा रसोई गैस की नि:शुल्क व्यवस्था की जाए.
  7. बांधों और अस्थायी जगहों पर रह रहे विस्थापित परिवारों के लिए टेंट, बिजली, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था की जाए.
  8. प्रत्येक प्रभावित परिवार को तत्काल राहत के रूप में आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के साथ कम-से-कम तीन माह का राशन सुनिश्चित किया जाए.
  9. बाढ़ के दौरान डूबने अथवा अन्य बाढ़जनित घटनाओं में मृत व्यक्तियों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए.
  10. बड़हरा प्रखंड के पीपरपांती गांव के उन सात गरीब परिवारों को तत्काल तीन-तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराकर आवास निर्माण एवं पुनर्वास की व्यवस्था की जाए, जिनके घर गंगा नदी में विलीन हो गये हैं. साथ ही सहार प्रखंड के बरुही क्षेत्र में सोन नदी के कटाव से प्रभावित परिवारों को आजीविका के लिए उपयुक्त भूमि अथवा समुचित मुआवजा एवं पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए उन्हें नजदीकी विद्यालयों में नामांकन एवं अध्ययन की विशेष व्यवस्था तथा आने-जाने के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध करायी जाए.

युद्धस्तर पर राहत-बचाव कार्य चलाने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने गंभीर संकट की स्थिति को देखते हुए सभी मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने तथा राहत, बचाव, पुनर्वास और कटावरोधी कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने की मांग की. यह जानकारी भाकपा-माले जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी.

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By Prabhat khabar news desk

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