भरत तिवारी के मोबाइल में छिपा है कौन सा राज? एनकाउंटर से पहले का वीडियो वायरल, उठ रहे कई सवाल

Bharat Tiwari encounter: भोजपुर के भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में वायरल वीडियो के बाद मोबाइल में मौजूद कथित सबूतों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. परिजन फॉरेंसिक जांच और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.

Bharat Tiwari encounter: भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है. सोशल मीडिया पर भरत तिवारी का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में भरत अपने मोबाइल फोन को लेकर कुछ अहम बातें कहते नजर आते हैं, जिसके बाद इस मामले में कई नए सवाल उठने लगे हैं.

वीडियो में क्या कहते दिख रहे हैं भरत तिवारी?

वायरल वीडियो में भरत तिवारी कथित तौर पर कहते हैं कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो उनका मोबाइल फोन उनके माता-पिता के अलावा किसी और के हाथ में नहीं जाना चाहिए. उनका दावा है कि मोबाइल में ऐसी जानकारियां और साक्ष्य मौजूद हैं जिन्हें मिटाया या झुठलाया नहीं जा सकता. वीडियो में उन्होंने अंगदान की इच्छा भी व्यक्त की है.

सांकेतिक तस्वीर

मोबाइल को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

भरत तिवारी के परिजनों का कहना है कि मोबाइल की निष्पक्ष फॉरेंसिक जांच कराई जानी चाहिए. परिवार का दावा है कि मोबाइल में मौजूद डिजिटल साक्ष्य पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सकते हैं. हालांकि अब तक जांच एजेंसियों ने मोबाइल से कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है.

जांच जारी, नहीं हुई दावों की पुष्टि

वायरल वीडियो में किए गए सभी दावे भरत तिवारी के व्यक्तिगत बयान हैं. इन दावों की अब तक स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि मोबाइल में वास्तव में कौन-सी सामग्री मौजूद है. इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की घोषणा की जा चुकी है और आगे की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

सियासी और कानूनी बहस तेज

इस मामले को लेकर बिहार में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. विपक्ष निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि परिजन सीबीआई जांच और मोबाइल की फॉरेंसिक जांच पर जोर दे रहे हैं. मामला अब न्यायिक जांच के दायरे में है.

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By Vivek Ranjan

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विवेक रंजन पाण्डेय ने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी, पटना से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, मीडिया एथिक्स, डिजिटल जर्नलिज्म और जनसंचार के विभिन्न आयामों का अध्ययन किया.

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