Bharat Tiwari Encounter On Mahapanchayat : (मिथिलेश कुमार) भोजपुर जिले में भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है. शाहपुर के बिलौटी गांव में हाल ही में हुई महापंचायत के बाद अब 5 जुलाई को जगदीशपुर प्रखंड में एक और बड़ी महापंचायत बुलाने का ऐलान किया गया है. इस पंचायत को “बहुजन महापंचायत” नाम दिया गया है, जिसमें हजारों लोगों के जुटने का दावा किया जा रहा है. ऐसे में यह सवाल भी उठने लगा है कि इस महापंचायत का मकसद क्या है?
5 जुलाई को जगदीशपुर में बड़ा जुटान
जानकारी के मुताबिक, जगदीशपुर प्रखंड क्षेत्र के लाल बिहारी सिंह टोला स्थित हाई स्कूल मैदान में इस बहुजन महापंचायत का आयोजन किया जाएगा. आयोजन को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं. बहुजन महापंचायत कमिटी ने स्थानीय प्रशासन को आवेदन देकर सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर अवगत कराया है, क्योंकि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है.
बहुजन एकता दिखाने का दावा
इस महापंचायत का आयोजन “बहुजन आर्मी” नामक संगठन द्वारा किया जा रहा है. संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोल्डेन दास ने दलित, आदिवासी, पिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज के लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है. सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों को लगातार कार्यक्रम में आने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है. आयोजकों का कहना है कि इस मंच के जरिए बहुजन समाज की एकजुटता दिखाई जाएगी.
Arrah News : बहुजन महापंचायत की असली वजह
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोल्डेन दास ने एक यूट्यूब चैनल से बातचीत में बताया कि यह महापंचायत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को समर्थन देने के लिए है. भरत तिवारी के एनकाउंटर के विरोध में सवर्ण समाज ने बिलौटी गांव में महापंचायत की थी. उसी के जवाब में अब बहुजन समाज एकजुट होकर सरकार के पक्ष में खड़ा हो रहा है. गोल्डन दास ने यह भी कहा कि आने वाले समय में दिल्ली में भी ऐसी ही महापंचायत की जाएगी.
पोस्टर को लेकर विवाद
महापंचायत से जुड़े कुछ पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिन्हें लेकर विवाद भी खड़ा हो गया है. इन पोस्टरों में भगवान बुद्ध, सम्राट अशोक, डॉ., लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार, रामविलास पासवान और मुलायम सिंह यादव जैसे बड़े नेताओं की तस्वीरें लगाई गई हैं. वहीं, कुछ पोस्टरों में भरत तिवारी के श्राद्ध तक अल्टीमेटम देने की भी बात कही जा रही है, जिससे माहौल और गरमा गया है.
मांझी ने की महापंचायत में शामिल होने की घोषणा
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस महापंचायत में शामिल होने की घोषणा की है. उन्होंने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में लिखा, देश की जनता पुकार, बहुजन एकता अबकी बार के नारे के साथ वह 5 जुलाई को आरा पहुंचेंगे और जगदीशपुर में आयोजित बहुजन महासभा में हिस्सा लेंगे.
उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलेगा, न कि अवैध हथियारों के दम पर। उनके अनुसार भरत तिवारी कोई क्रांतिकारी नहीं था, बल्कि उसके खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज थे.
Bhojpur Encounter : सियासी कनेक्शन और बढ़ी चर्चा
इस महापंचायत को लेकर सियासी चर्चाएं भी तेज हो गई हैं. दावा किया जा रहा है कि कार्यक्रम के जरिए बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के समर्थन को भी मजबूत करने की कोशिश होगी. हालांकि, इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर खूब चर्चा हो रही है.
आज है भरत तिवारी की तेहरवीं
भरत तिवारी के तेरहवीं की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. परिजनों और पारिवारिक मित्रों की ओर से बड़े स्तर पर आयोजन की तैयारी की जा रही है. आयोजन में करीब 20 से 25 हजार से अधिक लोगों के लिए खाने की व्यवस्था की जा रही है. भोजन तैयार करने के लिए करजा, बिलौटी और ब्रह्मपुर इलाके के लगभग 100 हलवाई और करीब 300 सहायक लगातार जुटे हुए हैं. खाना बनाने के लिए एलपीजी सिलेंडर और कोयले की व्यवस्था की गई है.
बाहरी इलाकों से आने वाले लोगों की सुविधा और व्यवस्था संभालने के लिए आस-पास के कई गांवों के करीब 500 स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. जबकि पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पानी के टैंकर और बोतल बंद पानी की भी व्यवस्था की जा रही है. श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भरत तिवारी के घर के पास बड़े एरिया में अलग से टेंट लगाया गया है.
परिवार को मिली आंशिक राहत
इस मामले में भरत तिवारी के परिवार को कुछ राहत भी मिली है. पुलिस फायरिंग केस में दर्ज एफआईआर से उनके पिता और भाई का नाम हटा दिया गया है. साथ ही उन पर लगे हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और अन्य धाराएं भी वापस ले ली गई हैं.
अब सबकी नजर 5 जुलाई को होने वाली बहुजन महापंचायत पर टिकी हुई है. देखना होगा कि यह महापंचायत भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को नया मोड़ देती है या फिर बिहार की राजनीति में एक नई बहस की शुरुआत करती है. फिलहाल इस आयोजन को लेकर प्रशासन भी सतर्क है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
