पवन सिंह ने वीडियो कॉल पर की बात, बड़हरा में बाढ़ राहत को लेकर मुखिया संघ ने MLC के सामने रखीं मांगें

भोजपुर जिले के बड़हरा में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच, एमएलसी पवन सिंह ने मुखिया संघ के प्रतिनिधियों से वीडियो कॉल पर बात की. मुखियाओं ने बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री, सामुदायिक किचन और तत्काल सरकारी सहायता की मांग रखी.

pawan singh meet on Video Call: भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड में बाढ़ की स्थिति के बीच राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर मुखिया संघ का आंदोलन जारी है. इसी बीच एमएलसी पवन सिंह ने वीडियो कॉल के माध्यम से बड़हरा मुखिया संघ के प्रतिनिधियों से सीधी बातचीत की. इस दौरान प्रखंड की 22 पंचायतों के मुखिया और प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र की जमीनी स्थिति से उन्हें अवगत कराया.

मुखिया संघ के अनुसार, पंचायत प्रतिनिधियों ने बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री उपलब्ध कराने, सामुदायिक किचन शुरू कराने और बाढ़ पीड़ितों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाने समेत कई समस्याएं पवन सिंह के सामने रखीं. मुखियाओं ने बताया कि बाढ़ के कारण कई गांवों में लोगों की परेशानी बढ़ गयी है और प्रभावित परिवारों को तत्काल सरकारी सहायता की जरूरत है.

पवन सिंह ने हरसंभव सहयोग का दिया भरोसा

वीडियो कॉल के दौरान पवन सिंह ने मुखिया संघ की ओर से बतायी गयी समस्याओं को गंभीरता से सुना. संघ के अनुसार, उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए हरसंभव सहयोग करने का भरोसा दिया.

इसके बाद मुखिया संघ ने दावा किया कि करीब 24 घंटे के भीतर उनकी ओर से उठायी गयी कई मांगों को मंजूरी मिलने की बात सामने आयी. मुखिया संघ के अध्यक्ष समेत 22 पंचायतों के मुखियाओं ने इसके लिए पवन सिंह के प्रति आभार जताया.

संघ के सदस्यों का कहना है कि बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और उनकी बात संबंधित स्तर तक पहुंचाने में वीडियो कॉल के माध्यम से हुई बातचीत की अहम भूमिका रही.

शंकर सिंह आईआईटीएम ने करायी बातचीत

मुखिया संघ के अनुसार, पवन सिंह और संघ के बीच बातचीत कराने में शंकर सिंह आईआईटीएम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही. संघ के सदस्यों का कहना है कि शंकर सिंह की पहल के बाद ही पवन सिंह से वीडियो कॉल पर बातचीत संभव हो सकी और बाढ़ प्रभावित पंचायतों की समस्याएं सीधे उनके सामने रखी गयीं.

मुखिया संघ और पवन सिंह की ओर से शंकर सिंह के प्रति भी आभार जताया गया. संघ का कहना है कि उनकी पहल से बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं को जनप्रतिनिधि तक पहुंचाने का रास्ता बना.

अब धरातल पर राहत पहुंचने का इंतजार

बाढ़ राहत को लेकर हुई बातचीत के बाद मुखिया संघ ने इसे अपनी आवाज की जीत बताया है. हालांकि, अब निगाहें इस बात पर हैं कि जिन मांगों को पूरा करने की बात कही गयी है, उनका लाभ बाढ़ प्रभावित परिवारों तक कितनी जल्दी पहुंचता है.

बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की परेशानी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. ऐसे में राहत सामग्री, सामुदायिक किचन, नाव संचालन और अन्य जरूरी सुविधाओं को लेकर उठाये गये कदमों का असर प्रभावित गांवों में दिखना जरूरी है. मुखिया संघ का कहना है कि उसकी प्राथमिकता बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाना है और इसके लिए वह लगातार आवाज उठाता रहेगा.

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By संतोष कुमार सिंह

संतोष कुमार सिंह 20 वर्षों से पत्रकारिता कर रहे हैं. प्रिंट, डिजिटल और प्रमुख मीडिया ऐप्स (न्यूज प्लेटफॉर्म्स) पर काम का अनुभव रखने वाले संतोष की राजनीति, अपराध और धर्म-संस्कृति की खबरों पर पैनी नजर रहती है.

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