Arrah News: (नारायण त्रिपाठी की रिपोर्ट) भोजपुर जिले के तरारी प्रखंड क्षेत्र में विकास योजनाओं की धीमी रफ्तार आम जनता के लिए जी का जंजाल बनती जा रही है. प्रखंड के करथ पंचायत अंतर्गत करथ से दुरूपुर तक बनने वाली सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुए करीब 11 माह बीत चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम अब तक अधूरा पड़ा है. जून का महीना शुरू हो चुका है और मानसून की पहली बारिश आने के कगार पर है, लेकिन सड़क का पक्कीकरण नहीं होने से स्थानीय ग्रामीणों की चिंताएं और परेशानी काफी बढ़ गई हैं.
ग्रामीण कार्य विभाग, पीरो द्वारा जारी आधिकारिक निविदा के अनुसार करथ मुख्य मार्ग से दुरूपुर तक कुल 2.700 किलोमीटर लंबी सड़क के कालीकरण का कार्य स्वीकृत है. इस पूरी महत्वपूर्ण योजना के लिए विभाग द्वारा कुल प्राक्कलित राशि 1 करोड़ 95 लाख 77 हजार 500 रुपये निर्धारित की गई है. सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, इस सड़क का कार्य प्रारंभ करने की तिथि 03 जुलाई 2025 तय की गई थी, जबकि इसे पूर्ण करने की अंतिम तिथि 02 जुलाई 2026 निर्धारित है. इस निर्माण कार्य की पूरी जिम्मेदारी ‘हनुमंत इन्फ्रा, नोनाडीह’ नामक कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपी गई है.
बरसात में टापू बन जाएगा दुरूपुर गांव, मिट्टी के कारण फिसलन का डर
स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों का गंभीर आरोप है कि कार्य शुरू होने के 11 महीने बीत जाने के बाद भी ठेकेदार द्वारा केवल खानापूर्ति की गई है. सड़क के नाम पर अब तक सिर्फ मिट्टी भराई का कार्य ही किया गया है. सड़क का जो मुख्य बेस निर्माण और कालीकरण होता है, उसे अब तक छूने की जहमत भी नहीं उठाई गई है.
ग्रामीणों ने बताया कि अगर जून महीने में मानसून की भारी बारिश शुरू हो जाती है, तो इस कच्ची सड़क पर डाली गई मिट्टी पूरी तरह कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाएगी. ऐसे में सड़क पर भारी फिसलन हो जाएगी, जिससे दुरूपुर गांव का संपर्क मुख्य मार्ग और प्रखंड मुख्यालय से पूरी तरह कट जाएगा. गांव के मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा.
योजना की मुख्य बातें:
- कुल लंबाई: 2.700 किलोमीटर (करथ से दुरूपुर तक).
- कुल बजट: 1 करोड़ 95 लाख 77 हजार 500 रुपये.
- डेडलाइन: 02 जुलाई 2026 (एक महीने से भी कम समय शेष).
- कार्य एजेंसी: हनुमंत इन्फ्रा, नोनाडीह.
एजेंसी के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी
समय सीमा समाप्त होने में अब एक महीने से भी कम का समय बचा है, लेकिन साइट पर काम पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है. समय पर कार्य पूरा नहीं होने से स्थानीय लोगों में कार्य एजेंसी और ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियरों के खिलाफ गहरा नाराजगी और आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
ग्रामीणों ने दो टूक कहा है कि यदि शीघ्र ही निर्माण कार्य में तेजी लाकर इसे पक्का नहीं किया गया, तो वे पीरो-तरारी मुख्य मार्ग को जाम कर विभागीय अधिकारियों के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता से मांग की है कि मामले में हस्तक्षेप कर ठेकेदार पर जुर्माना लगाया जाए और युद्धस्तर पर काम शुरू कराया जाए.
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