Arrah News: (आशुतोष पाण्डेय की रिपोर्ट) पटना से गोमतीनगर जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को निशाना बनाने वाले एक शातिर अपराधी को रेलवे सुरक्षा बल ने धर दबोचा है. पकड़े गए आरोपी ने पत्थरबाजी कर ट्रेन के इंजन का अगला शीशा पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था. गिरफ्तार आरोपी की पहचान भोजपुर जिले के नवादा थाना क्षेत्र अंतर्गत बहिरो गांव निवासी गावस्कर पासवान के रूप में की गई है. पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.
मामले की जानकारी देते हुए आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि गत 31 मई की रात करीब 10:40 बजे गाड़ी संख्या 22346 पटना-गोमतीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस अपने निर्धारित रूट से जा रही थी. ट्रेन जैसे ही आरा रेलवे स्टेशन के आउटर पर स्थित श्री टोला नहर पुल के समीप पहुंची, तभी अंधेरे का फायदा उठाकर एक अज्ञात उपद्रवी ने ट्रेन के इंजन को निशाना बनाकर जोरदार पत्थरबाजी कर दी. इस हमले में इंजन का मुख्य शीशा टूट गया था, जिससे न केवल रेल परिचालन बाधित होने की स्थिति बनी, बल्कि यात्रियों व लोको पायलट की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया था.
निरीक्षक दीपक कुमार के नेतृत्व में बनी टीम, मुखबिर तंत्र से मिली सफलता
वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन पर पथराव की घटना के बाद रेल महकमे में हड़कंप मच गया था. आरपीएफ पोस्ट आरा में रेल अधिनियम की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तहकीकात शुरू की गई. आरपीएफ आरा के निरीक्षक प्रभारी दीपक कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों और वंदे भारत एक्सप्रेस के इंजन में लगे अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला. फुटेज में एक युवक साफ तौर पर ट्रेन की तरफ पत्थर उछालता हुआ दिखाई दिया.
इसके बाद आरपीएफ ने अपने खुफिया तंत्र और मुखबिरों को सक्रिय किया. सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे युवक के हुलिये, कद-काठी और पहनावे के आधार पर संदिग्धों की सूची बनाई गई. सटीक इनपुट के आधार पर आरपीएफ की टीम ने छापेमारी कर बहिरो गांव से गावस्कर पासवान को हिरासत में ले लिया.
टी-शर्ट बनी गले की फांस, आरपीएफ ने की सख्त कार्रवाई की अपील
हैरान करने वाली बात यह रही कि जब आरपीएफ ने आरोपी गावस्कर को उसके घर से दबोचा, तो वह हुबहु वही टी-शर्ट पहने हुए था जो घटना वाली रात सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रही थी. आरपीएफ की कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी टूट गया और उसने वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर फेंकने की बात स्वीकार कर ली. पर्याप्त डिजिटल साक्ष्य और आरोपी के कबूलनामे के आधार पर उसे गिरफ्तार कर रेलवे कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है.
इस बड़ी कामयाबी के बाद आरपीएफ ने आम जनता और विशेषकर रेल ट्रैक के आसपास रहने वाले ग्रामीणों से अपील की है. आरपीएफ ने कहा कि राष्ट्रीय संपत्ति या चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी करना एक गैर-जमानती और गंभीर अपराध है. इससे किसी यात्री की जान भी जा सकती है. रेलवे ऐसी हरकतों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा और पकड़े जाने पर दोषियों के खिलाफ ऐसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी जो दूसरों के लिए नजीर बनेगी.
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