Arrah News:(आशुतोष पाण्डेय) भीषण गर्मी के इस मौसम में जहां यात्रियों को राहत मिलनी चाहिए, वहीं आरा जंक्शन पर उन्हें मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है. पूर्व मध्य रेलवे के तहत आने वाला आरा जंक्शन, जो राजस्व के लिहाज से पटना जंक्शन और दानापुर के बाद महत्वपूर्ण स्थान रखता है, रेलवे द्वारा ए श्रेणी स्टेशन घोषित है. इसके बावजूद यहां की व्यवस्थाएं यात्रियों की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही हैं
पेयजल व्यवस्था सबसे बड़ी समस्या
जून की तपती गर्मी में सबसे बड़ी परेशानी पेयजल को लेकर सामने आई है. प्रतिदिन हजारों यात्री यहां से सफर करते हैं, लेकिन उन्हें ठंडा और स्वच्छ पानी नहीं मिल पा रहा है. ट्रेन रुकते ही यात्री बोतल लेकर नलों और वाटर बूथ की ओर दौड़ते हैं, लेकिन वहां गर्म और कथित रूप से दूषित पानी मिलने की शिकायत सामने आ रही है.
गर्म और संदिग्ध पानी पीने को मजबूर यात्री
यात्रियों के अनुसार प्लेटफॉर्म संख्या 1 से 4 तक लगे अधिकांश नलों से गर्म पानी निकल रहा है. कई लोगों ने पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसे पीने योग्य नहीं बताया. ऐसे में यात्रियों को मजबूरी में उसी पानी का उपयोग करना पड़ रहा है या फिर वैकल्पिक उपाय तलाशने पड़ रहे हैं.
बोतलबंद पानी खरीदने की मजबूरी
रेलवे की ओर से पर्याप्त ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है. यात्रियों का आरोप है कि कई बार रेलवे के अधिकृत ब्रांड ‘रेल नीर’ के बजाय अन्य कंपनियों का पानी बेचा जाता है. गर्मी से राहत पाने के लिए लोग किसी भी तरह ठंडा पानी खरीदने को विवश हैं.
शेड की कमी, धूप में इंतजार करने को मजबूर यात्री
सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म पर शेड की कमी भी बड़ी समस्या बनी हुई है. प्लेटफॉर्म संख्या 1 से 3 तक पर्याप्त शेड नहीं है, जिससे यात्रियों को तेज धूप में खड़े होकर ट्रेनों का इंतजार करना पड़ता है. इस कारण कई लोग बीमार भी हो रहे हैं, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं दिख रहा.
प्रशासन के दावे और हकीकत में अंतर
इस मामले में स्टेशन प्रबंधक एन.के. राय ने यात्रियों की शिकायतों को निराधार बताया है. उनका कहना है कि प्लेटफॉर्म संख्या 1 से 4 तक ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है और पेयजल की कोई कमी नहीं है.
हालांकि, यात्रियों के अनुभव और स्टेशन प्रशासन के दावों के बीच स्पष्ट अंतर नजर आ रहा है.
व्यवस्था सुधारने की जरूरत
ऐसे में जरूरत है कि रेलवे विभाग जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की जांच करे और यात्रियों को शुद्ध एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे, ताकि इस भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके.
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